उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा चुनाव आयोग से मुख्यमंत्री हरीश रावत की शिकायत करने दिल्ली पहुंचे।
शुक्रवार को विजय बहुगुणा ने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर अपने फायदे के लिए चुनाव से पहले अधिकारियों का तबादला करने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की। इसके साथ ही विजय बहुगुणा सहित कुंवर प्रणव चैंपियन ने हरीश रावत पर अपराधियों को कैद से छुड़वाने का आरोप भी लगाया है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार अग्रवाल द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा पर ने मोर्चा खोला। उन्होंने मीडिया सलाहकार के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह और उनका परिवार किसी भी विदेशी या स्वदेशी कंपनी का प्रमोटर नहीं है।
उन पर निराधार आरोप लगाकर चुनाव से पहले उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सीएम रावत और उनके मीडिया सलाहकार अग्रवाल को मानहानि का नोटिस भी भेजा है। बृहस्पतिवार को पूर्व सीएम बहुगुणा ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि उनके कार्यकाल में कथित विदेशी कंपनी या उसकी सहयोगी कंपनी ने राज्य में कोई भी पूंजी निवेश, ठेका या व्यापार नहीं किया।
जिस इंटरनेशनल इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन का उन्होंने जिक्र किया है, उसमें कहीं भी मेरे या मेरे परिवार के संबंध में कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से टिप्पणी नहीं की गई है। कहा कि जिन दस नेताओं ने कांग्रेस छोड़ी है, उनके खिलाफ हरीश रावत झूठे मुकदमे लिखाने और चरित्र हनन का काम कर रहे हैं। जनता उन्हें आगामी चुनावों में इसका जवाब देगी।
कहा कि उनके अधिवक्ता मोहित गुप्ता ने हरीश रावत और सुरेंद्र कुमार अग्रवाल के खिलाफ मानहानि का नोटिस भेजा है। अगर, ये लोग सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो इनके खिलाफ क्रिमिनल डिफेमेशन का मुकदमा दायर कराया जाएगा।