डा. मृत्युंजय मिश्रा
विजिलेंस ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय के वित्तीय घोटाले में जेल में बंद पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा की शैक्षिक डिग्रियों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी हैं। शनिवार को यूपी बोर्ड इलाहाबाद और लखनऊ विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर मिश्रा की डिग्री को लेकर रिपोर्ट मांगी है। उधर, बैंक बंद होने के कारण मिश्रा परिवार के दिल्ली में तीन खातों में हुए लेन-देन की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
विजिलेंस के विवेचक ने एक सप्ताह पहले मूल रूप से बिहार के भागलपुर के निवासी मृत्युंजय मिश्रा से जेल में मुलाकात कर व्यक्तिगत फाइल तैयार की थी। मसलन उनकी शिक्षा कहां-कहां हुई और उसके पास कौन-कौन सी डिग्रियां हैं। इसी आधार पर विजिलेंस ने शैक्षिक डिग्री के सत्यापन की कार्रवाई शुरू कर दी है। विजिलेंस की तरफ से लखनऊ विश्वविद्यालय और यूपी बोर्ड इलाहाबाद को पत्र लिखा गया है। पत्र में हाईस्कूल, इंटर, बीए, एलएलबी, जर्नलिज्म, डाक्ट्रेट की डिग्री का ब्योरा दिया गया है। बताया जा रहा है कि गया कि ये डिग्रियां 1990 से लेकर 1998 के बीच हासिल की गई हैं।
विजिलेंस के डायरेक्टर राम सिंह मीणा ने बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय और यूपी बोर्ड प्रशासन से पूछा गया कि मिश्रा ने यह डिग्रियां किस वर्ष में लीं थीं। मिश्रा की डिग्री को लेकर कई तरह की शिकायतें हैं। उधर विजिलेंस ने शनिवार को फर्म स्वामी शिल्पा त्यागी से लंबी बातचीत की। शिल्पा अपने साथ फर्म के रिटर्न संबंधी दस्तावेज भी लेकर आई थी। बता दें कि वित्तीय घोटाले में पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा चार दिसंबर से जेल में बंद है।