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रुड़की: विजिलेंस के रडार पर रोडवेज के10 एजीएम, दस्तावेज खंगालने में जुटे अधिकारी

Mon, 19 Feb 2018 01:15 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुड़की
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आय से अधिक संपत्ति के मामले में परिवहन निगम के रुड़की, हरिद्वार और ऋषिकेश समेत 10 एजीएम (सहायक  महाप्रबंधक) विजिलेंस के राडार पर हैं। शनिवार को देहरादून निगम मुख्यालय पहुंची विजिलेंस टीम ने इन अधिकारियों के तैनाती स्थल की जानकारी जुटाई है।

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साथ ही टीम ने मौके पर मिले निगम के एक अधिकारी से भी पूछताछ की। तीन अन्य उच्च अधिकारियों के बारे में पड़ताल की गई है। फिलहाल विजिलेेंस के अधिकारी कार्रवाई से इंकार कर रहे हैं, जबकि निगम मुख्यालय के उच्च अधिकारी विजिलेंस टीम के आने की पुष्टि कर रहे हैं।

शनिवार दोपहर विजिलेंस की टीम देहरादून स्थित निगम मुख्यालय पहुंची। टीम सबसे पहले जीएम (संचालन-तकनीकी) दीपक जैन के कार्यालय पहुंची, लेकिन, जीएम कार्यालय में नहीं मिले। टीम ने मौके पर मौजूद उनके निजी सहायक एमएन बेलवाल से मुख्यालय में तैनात मुकेश सिंह डीजीएम तकनीकी, पंकज तिवारी फाइनेंस कंट्रोलर, भूपेंद्र कुमार एजीएम फाइनेंस, सरिता गुलाटी एजीएम फाइनेंस के बारे में पूछताछ की।
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टीम ने डीजीएम (आईएसबीटी देहरादून, अंडर ट्रांसफर) सीपी कपूर, एजीएम (रुड़की डिपो) जेके शर्मा, एजीएम (हरिद्वार डिपो सिटी बस) आलोक बनवाल, एजीएम (ऋषिकेश डिपो) पीके भारती, एजीएम (ग्रामीण डिपो, देहरादून) प्रतीक जैन, एजीएम (पर्वतीय डिपो, देहरादून) पूजा कहरा, एजीएम (काशीपुर डिपो) इंदिरासन्न, एजीएम (रानीखेत डिपो) नेतराम के तैनाती स्थल की जानकारी जुटाई।

बताया जा रहा है कि इसके अतिरिक्त एक अन्य एजीएम के बारे में टीम ने लंबी पूछताछ की है। इसके बाद टीम मुख्यालय में तैनात एजीएम फाइनेंस भूपेंद्र कुमार के कार्यालय में पहुंची। एजीएम फाइनेंस मौके पर मौजूद थे। टीम ने उनसेे पूछताछ की। टीम पहुंचने की सूचना से निगम के सभी कार्यालयों में शनिवार-रविवार पूरे दिन गहमागहमी रही।

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पहले भी रिकार्ड ले गई विजिलेंस टीम
अधिकारियों के मुताबिक कुछ माह पहले भी विजिलेंस टीम आई थी। जांच के दौरान टीम कुछ रिकॉर्ड ले गई थी। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि निगम के कुछ अधिकारियों पर गड़बड़ी करने की शिकायतें हैं। कई मामले तो निगम के अधिकारियों ने दबा भी रखे हैं। इसी के चलते किसी ने निगम अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है।

पूरे दिन घनघनाते रहे फोन
टीम आने की सूचना के बाद से शनिवार शाम से रविवार पूरे दिन निगम अधिकारियों के फोन घनघनाते रहे। कई अधिकारी लगातार एक से दो घंटे तक फोन पर बातें करते रहे। कई अधिकारी इस बात की जानकारी जुटाने में लगे रहे कि कहीं उनका नाम तो विजिलेंस की लिस्ट में नहीं है।

शनिवार को मैं हल्द्वानी में था। कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही हैं। जांच 15 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बृजेश कुमार संत, एमडी, उत्तराखंड परिवहन निगम

निगम मुख्यालय में विजिलेंस टीम के आने की जानकारी मिली है। टीम मेरे कार्यालय भी आई थी, लेकिन जब टीम आई थी तो मैं एमडी साहब के साथ हल्द्वानी में था। टीम ने मेरे पीए एमएन बेनवाल व एजीएम फाइनेंस भूपेंद्र कुमार से कुछ जानकारी जुटाई है। टीम ने कई अधिकारियों के संबंध में पूछताछ की है। जांच में विजिलेंस टीम का निगम अधिकारी पूरा सहयोग करेंगे।
-दीपक जैन, जीएम संचालन-तकनीकी, उत्तराखंड परिवहन निगम

मैं अवकाश पर हूं। मुझे जानकारी नहीं है। इस संबंध में एसपी विजिलेंस से संपर्क करें।
आरएस मीणा, डायरेक्टर विजिलेंस
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