अगर सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो दिसंबर में विधानसभा सत्र का आयोजन होगा। फर्क इतना है कि इस सत्र में सदन में प्रदेश के निर्वाचित प्रतिनिधियों से इतर विभिन्न स्कूलों के बच्चे पक्ष और विपक्ष की भूमिका में होंगे।
प्लान इंडिया की यह मुहिम सुरक्षित केदारनाथ का संदेश देने के साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को उठाने की कोशिश के रूप में हैं।
प्लान इंडिया के बैनर तले ही उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों से रेणु और अंजना ने संयुक्त राष्ट्र में दक्षिण एशिया का प्रतिनिधित्व भी किया था। प्लान इंडिया इस समय प्रदेश में उमंग(यूनीक मीडिया एप्रोच ऑफ न्यू जेनेरेशन) योजना के तहत प्रदेश के सभी 13 जिलों में सक्रिय है।
इसके तहत हर जिले में छात्र-छात्राओं को चाइल्ड जर्नलिस्ट के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह भुवनेश्वरी महिला आश्रम और प्लान इंडिया की मुहिम है। अब इन दोनों संस्थाओं की कोशिश है कि केदारनाथ में बाल सदन का आयोजन किया जाए।