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चोरी की तीन बाइकों के साथ पकड़ा गया शातिर

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कैंट पुलिस ने एक शातिर आरोपी को चोरी की तीन बाइकों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने यह बाइकें अलग-अलग स्थानों पर छुपाई हुई थीं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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इंस्पेक्टर कैंट शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि जसविंदर सिंह निवासी शांति विहार, गोविंदगढ़ की 31 जुलाई को बाइक चोरी हुई थी। पुलिस ने उसका मुकदमा दो अगस्त को दर्ज किया था। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए तो एक संदिग्ध फुटेज में दिखाई दिया। इस पर आरोपी की तलाश को जगह-जगह दबिश दी गई। मंगलवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सुदन थापा निवासी इंदिरानगर, सीमाद्वार बताया। उसकी निशानदेही पर दो और बाइकें बरामद की गईं। यह बाइकें उसने अलग-अलग स्थानों से चोरी की थीं।
मुकदमा दर्ज न होता तो कैसे मिलता शातिर आरोपी
जसविंदर सिंह वही पीड़ित हैं जो 31 जुलाई को ही अपनी बाइक चोरी की तहरीर लेकर बिंदाल चौकी पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस से अपनी रिपोर्ट दर्ज करने कहा, लेकिन उन्हें लौटा दिया गया। इस पर उन्होंने अलग-अलग जगहों पर पुलिस की भी शिकायत की। पुलिस अधिकारियों के दबाव के बाद मुकदमा दो अगस्त को दर्ज किया गया। इस मामले को अमर उजाला ने भी उठाया तो चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया। एसएसपी के दबाव पर इस मामले की गहनता से जांच हुई तो एक बड़ा शातिर वाहन चोरी का आरोपी धरा गया। लेकिन, अगर जसविंदर चुप बैठ जाते तो आरोपी क्षेत्र में और भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दे सकता था।
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वाहन मिलने के बाद दर्ज होते हैं मुकदमे
आमतौर पर देखा जाता है कि पुलिस वाहन चोरी के मुकदमे दर्ज करने में कोताही बरतती है। लेकिन, जब कोई वाहन चोरी का आरोपी पकड़ा जाता है तो एकाएक सब पीड़ितों को बुला लिया जाता है। इसके बाद सभी पुराने वाहन चोरी के मुकदमों को दर्ज किया जाता है। इस मामले में भी ऐसा होने की प्रबल संभावना थी, लेकिन इससे पहले ही जसविंदर बड़े अधिकारियों के पास अपनी शिकायत को लेकर पहुंच गए।
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