इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में उपराष्ट्रपति ने भावी आईएफएस अधिकारियों को ईमानदारी और जनता सेवा की सीख दी।
प्रॉमिस और डिलीवरी के बीच बड़ा गैप
बुधवार को हामिद अंसारी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आईएफएस अधिकारियों के सवालों के जवाब भी दिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस समय प्रॉमिस और डिलीवरी के बीच बड़ा गैप है। इस गैप को खत्म करने की जरूरत है।
अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे संस्थान पहुंचे उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने सबसे पहले प्रशिक्षण की बारीकियां जानी। इसके बाद वे भावी अधिकारियों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि अगर वे ईमानदारी से जनता की सेवा करेंगे तो निश्चित तौर पर देश तरक्की की राह चलेगा।
सफलता से संबंधित एक सवाल के जवाब में उपराष्ट्रपति ने कहा कि हर अधिकारी को अपना शत प्रतिशत देना चाहिए। सफलता खुद ब खुद मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि भावी अधिकारी कोशिश करें तो पर्यावरण संतुलन के साथ विकास संभव है।
विदेशों में होता है कानूनों का सख्ती से पालन
उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में अभी सुधार की गुंजाइश है। विदेशों की तुलना में भारत में वर्क कल्चर के सवाल पर उपराष्ट्रपति ने बताया कि विदेशों में नियम कानूनों का सख्ती से पालन होता। वहां संसाधन भी पर्याप्त हैं जबकि भारत में अभाव है।
इस अवसर पर आईजीएनएफए के निदेशक आरके गोयल, प्रोफेसर डा. मोहित गेरा सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।