अक्सर विवादों में रहने वाले गढ़वाल विवि के कुलपति पर एक बार फिर से उनकी
'ऊंची पहुंच' का रसूख दिखाने के आरोप लगे हैं। इस बार मामला मुकदमेबाजी तक
चला गया।
ईसी बैठक में समस्याएं नहीं रखने पर भड़का कर्मचारियों का आंदोलन तूल पकड़ने लगा है। शुक्रवार को जहां गढ़वाल विवि के अधिकारियों ने आंदोलनकारी कर्मचारियों के खिलाफ तोड़-फोड़ मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई है, वहीं कर्मचारियों ने भी कुलपति समेत अधिकारियों के खिलाफ तहरीर दी है।
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मांगों के लिए गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद और छात्रों का आंदोलन पांच दिनों से जारी है। पहले दिन आंदोलनकारियों ने डीन साइंस एमएसएम रावत के कार्यालय में तोड़-फोड़ की थी।
गाड़ी की हवा भी निकाली
इसके अलावा डीन आर्ट्स प्रो. एसएस देव की गाड़ी की हवा भी निकाली थी। इस पर प्रो. देव ने अज्ञात के खिलाफ जबकि कुलसचिव प्रो. पीएस राणा, प्रो. रावत ने दो के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
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दूसरी ओर, शुक्रवार देर शाम शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद ने भी कुलपति, कुलसचिव और कार्य परिषद के सदस्यों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। इसमें 60 से अधिक कर्मचारियों के हस्ताक्षर हैं।
कुलपति ने दी अपनी ऊंची पहुंच की धमकी
कर्मचारियों के मुताबिक कुलपति एस के सिंह ने शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, महासचिव मनोज रतूड़ी के साथ अभद्रता की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कुलपति ने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर उनसे निपटने की धमकी दी है।
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विश्वविद्यालय के अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने अपनी और परिवार की जान-माल का खतरा बताया है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। वहीं कोतवाल धीरेंद्र रावत ने अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और कर्मचारियों की ओर से तहरीर दिए जाने की पुष्टि की है।
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