उन्होंने कहा कि राज्य के कुछ क्षेत्रों में डेमोग्राफी में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। विश्व हिंदू परिषद ने मांग करती है कि यह अध्ययन किया जाए कि हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में किसी विशेष समुदाय की बसावट किसी संगठित योजना के अंतर्गत तो नहीं बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद का मानना है कि धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को ध्यान में रखते हुए समाज व शासन को मिलकर संवैधानिक ढांचे के अंतर्गत कार्य करना चाहिए।