बढ़ती जनसंख्या को देश के लिए खतरा बताते हुए उन्होंने कहा कि आज अस्पतालों में जगह नहीं, स्कूलों प्रवेश नहीं हो रहे हैं, सड़कों पर जाम लग रहा है। इसके लिए बढ़ती जनसंख्या ही जिम्मेदार है। देश में मुसलमानों की बढ़ती घुसपैठ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो हिंदू इस्लामिक देशों से भागकर आ रहे हैं, वे शरणार्थी हैं।
जबकि जो मुस्लिम आबादी आ रही है वे घुसपैठिए हैं। सरकार को शरणार्थियों के प्रति सहानुभूति रखते हुए उन्हें सुरक्षा के साथ ही हिंदुस्तान की नागरिकता भी देनी चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से अल्पसंख्यक समाज के गरीब बच्चों को वजीफा देने के घोषणा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस योजना का क्रियान्वयन करने से पहले सरकार को अल्पसंख्यक की परिभाषा तय करनी चाहिए। क्योंकि कई राज्यों में इस समय हिंदू ही अल्पसंख्यक हैं।
जहां जो अल्पसंख्यक हो उनके बच्चों को ही योजना का लाभ मिलना चाहिए। इस दौरान विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे, प्रचार प्रमुख विजय शंकर तिवारी, प्रचार विभाग के प्रांत मंत्री डॉ. रजनीकांत शुक्ला, अमित कुमार शर्मा, बजरंग दल के मेरठ प्रांत के संयोजक बलराज डुंगर, विहिप के जिलाध्यक्ष नितिन गौतम, विकास प्रधान, वीरेंद्र कीर्तिपाल आदि मौजूद रहे।