मधुमती की शूटिंग के दौरान दिलीप कुमार, वैजयंतीमाला, जॉनी वाकर आदि कलाकार हल्द्वानी स्थित कैलाश व्यू होटल में ठहरे थे। इस होटल में फ़िल्म के कुछ दृश्य भी फिल्माए गए थे। यहां से छोटा कैलाश नजर आने के कारण इसका नाम कैलाश व्यू रखा गया था।
1998 में चुनाव के दौरान भी नैनीताल आए थे दिलीप
दिलीप कुमार 1998 के लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी नारायण दत्त तिवारी के प्रचार के सिलसिले में बहेड़ी आए थे। तब वे अपने अभिन्न मित्र जॉनी वाकर के साथ रात्रि विश्राम के लिए नैनीताल आए थे। हालांकि यहां उनका कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हुआ।
मधुमती ने बॉलीवुड को दिखाई थी रानीखेत की राह
फिल्मकार बिमल रॉय ने अपनी फिल्म मधुमती के कई दृश्यों को रानीखेत की वादियों में फिल्माया था। इस फिल्म की सफलता के बाद ही पर्यटन नगरी की शांत वादियां फिल्मकारों को खूब रास आने लगी थीं। शूटिंग के लिए रानीखेत पहुंचे दिलीप कुमार भी यहां की सुंदरता से अभिभूत हो गए थे।
रानीखेत के धोबी घाट, वर्तमान डिग्री कालेज के पास जंगल में और मालरोड स्थित प्राचीन नॉटर्न होटल में ‘चढ़ गयो पापी बिछुवा’ सहित कुछ गीतों का फिल्मांकन हुआ। इस फिल्म की रिलीज के बाद बॉलीवुड को यहां की सुंदरता इतनी भाई कि उन्होंने लगातार यहां का रुख किया।
1958 में शम्मी कपूर की दिल देके देखो, 1968 में धर्मेंद्र की शिकार, 1972 में कटी पतंग, 1973 में अनिल धवन की हनीमून, 1976 में हम किसी से कम नहीं, इसी साल जितेंद्र की मझली दीदी, 80 के दशक में हुकूमत, बार्डर, जूली, भारत भाग्य विधाता और 2005 में सुभाष घई ने यहां किसना फिल्म की शूटिंग की।
दिलीप साहब के लिए में कुछ कहूं, मेरा ऐसा कद कहां : हेमंत पांडे
फिल्म अभिनेता हेमंत पांडे ने ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा अदाकार अब कभी फिल्म इंडस्ट्री को नहीं मिल सकता है। उन्होंने कहा कि दिलीप जी इतने महान और सुलझे हुए अभिनेता थे कि उनके पास कहने के लिए न तो कोई शब्द हैं और न ही कद। हेमंत पांडे का कहना है कि दिलीप जी के साथ उन्हें काम करने का सौभाग्य नहीं मिला, लेकिन उनकी फिल्मों में उनके अभिनय से सीखने को बहुत कुछ मिला है।