बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर के लोगों के आवागमन को 14 साल से बन रहे चांठी-डोबरा पुल का निर्माण एक कदम और आगे बढ़ गया है। कार्यदायी संस्था ने मुख्य पुल को जोड़ने के बाद अब डैक एडजेस्टमेंट का काम भी पूरा कर दिया है। साथ ही वाहनों की सुरक्षा के लिए दोनों ओर से रेलिंग, फुटपाथ बनाना भी शुरू कर दिया है। करीब दो माह के अंदर पुल के सभी मुख्य कार्य पूरे हो जाएंगे। इसके बाद पुल पर रंग रोगन कर 31 मार्च 2020 से वाहन चलने शुरू हो जाएंगे।
टिहरी बांध की झील बनाने के कारण अलग-थलग पड़े प्रतापनगर के लोगों के आवागमन को 2006 में चांठी-डोबरा पुल का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन विभिन्न तकनीकी वजहों से पुल नहीं बन पाया। लोनिवि की कार्यदायी संस्था ने आठ सितंबर को 440 मीटर भारी वाहन के झूला पुल को आपस में दोनों तरफ से जोड़ने में सफलता हासिल की थी।
लोनिवि के अपर सहायक अभियंता प्रमोद नेगी ने बताया कि अब मुख्य पुल के डैक एडजेस्टमेंट का काम भी पूरा कर लिया गया है। पुल के दोनों ओर चार-चार फीट ऊंची और 880 मीटर लंबी रेलिंग और फुटपाथ बनाने का काम शुरू हो गया है। वर्तमान में करीब 20 मीटर रेलिंग बन चुकी है। रेलिंग के बाद डामरीकरण, नट बोर्ड कसने आदि का काम करीब दो माह में पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही पुल का रंग रोगन का काम आदि पूरे होने पर 31 मार्च 2020 से पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।