राजधानी के साथ ही साथ ही हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की जैसे शहरों में तमाम ऐसी निजी, सार्वजनिक गाड़ियां फर्राटा भर रहीं, जिनमें हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं है, जबकि परिवहन विभाग के प्रावधानों के मुताबिक, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट का प्रावधान हैं।आरटीओ प्रवर्तन सुनील कुमार शर्मा का कहना है कि निजी और सार्वजनिक गाड़ियों की चेकिंग को लेकर जो अभियान चलाया जा रहा, उसमें तमाम ऐसी गाड़ियां पकड़ी गई हैं, जो बगैर प्लेट के ही संचालित की जा रही थी। अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर अभियान चलाकर यह सुनिश्चित कराएं कि गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगी है या नहीं। शर्मा के मुताबिक, जिन निजी गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगी है उन गाड़ियों के वाहन स्वामी उस कंपनी के ऑटोमोबाइल डीलर के पास जाकर लगवा सकते हैं।
राजधानी के साथ ही साथ ही हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की जैसे शहरों में तमाम ऐसी निजी, सार्वजनिक गाड़ियां फर्राटा भर रहीं, जिनमें हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं है, जबकि परिवहन विभाग के प्रावधानों के मुताबिक, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट का प्रावधान हैं।
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आरटीओ प्रवर्तन सुनील कुमार शर्मा का कहना है कि निजी और सार्वजनिक गाड़ियों की चेकिंग को लेकर जो अभियान चलाया जा रहा, उसमें तमाम ऐसी गाड़ियां पकड़ी गई हैं, जो बगैर प्लेट के ही संचालित की जा रही थी। ऐसी सभी गाड़ियों का चालान किया गया है। अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर अभियान चलाकर यह सुनिश्चित कराएं कि गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगी है या नहीं। शर्मा ने बताया कि फिलहाल यह समस्या पुरानी गाड़ियों में ज्यादा देखने को मिल रही है।
बताया कि पिछले छह माह के भीतर चलाए गए अभियान के दौरान 24,000 गाड़ियों का चालान किया गया, जिसमें तीन हजार के करीब ऐसी गाड़ियां पकड़ी गई, जिसमें हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन की सभी गाड़ियों का चालान कर दिया गया। शर्मा के मुताबिक, जिन निजी गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगी है उन गाड़ियों के वाहन स्वामी उस कंपनी के ऑटोमोबाइल डीलर के पास जाकर लगवा सकते हैं।