इसके तहत वाहन निर्माताओं को अपने डीलरों को नंबर प्लेट उपलब्ध करवाने के आदेश दिए गए हैं। इतना ही नहीं वाहनों में नंबर प्लेट लगने के बाद ही उन्हें शोरूम से बाहर भेजा जाएगा।
इसके अलावा वाहन निर्माता अपने पुराने वाहनों के लिए भी डीलरों को नंबर प्लेट उपलब्ध करा सकेंगे। परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राजधानी में 15 लाख से अधिक कार, स्कूटर, मोटरसाइकिल आदि वाहनों में नंबर प्लेटें लगाई जा चुकी हैं।
एक क्लिक पर वाहन की पूरी जानकारी
एआरटीओ अरविंद पांडेय ने बताया कि देहरादून में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने का कार्य 2012 में शुरू किया गया था। वाहन निर्माता की ओर से हाई सिक्योरिटी प्लेट उपलब्ध करवाने से अपराध करने वालों की धरपकड़ आसान होगी। वहीं, नंबर प्लेट के जरिये वाहन स्वामी की तमाम जानकारी एक क्लिक पर कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देगी।
नंबर प्लेट पर जीपीएस चिप लगी होगी
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट डायनामिक होगी। इसमें जीपीएस आधारित एक चिप लगी होगी। जिसके जरिये पुलिस कंट्रोल रूम एवं क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय कभी भी किसी भी वाहन को ट्रैक कर सकेगा। डुप्लीकेट नंबर प्लेट बनने से रोकने के लिए इसमें लेजर मार्क, होलोग्राम जैसे सुरक्षा उपाय भी रखे गए हैं।