कोरोना लॉकडाउन को देखते हुए सरकार ने तीन माह के लिए मंडी शुल्क न लेने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले से व्यापारियों और फल सब्जी खरीदने वालों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
अगले कुछ दिनों में फल सब्जियों की कीमत में कुछ कमी आ सकती है। मंडी समिति प्रत्येक कारोबारी से डेढ़ फ़ीसदी मंडी शुल्क वसूलती है। यह शुल्क कारोबारियों को मंडी में जमा कराना होता है।
कारोबारी रिटेल में फल सब्जी बेचते वक्त मंडी शुल्क लगाकर बेचते हैं। लेकिन अब उन्हें यह करीब डेढ़ फीसदी शुल्क नहीं देना होगा। इससे सीधे तौर पर मंडी में कारोबार करने वालों को फायदा मिलेगा।
व्यापारी इसका फायदा आम ग्राहकों को भी दे सकते हैं। फल सब्जियों की कीमतों में करीब डेढ़ फ़ीसदी की कमी हो सकती है। इससे ज्यादातर फल सब्जियों की कीमत में एक से 10 रुपये प्रति किलो तक की कमी हो सकती है।
मंडी अध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने जनता के हित में मंडी शुल्क समाप्त करने का फैसला लिया है। इससे आने वाले दिनों में फल सब्जी के उत्पादन और कारोबार में तेजी आएगी। कीमतें कम होने से लोगों को भी लाभ मिलेगा।