दशहरे की पूर्व संध्या पर अचानक मूली और गन्ने ने रंग बदल दिया। कारोबारियों ने जमकर चांदी काटी। आम आदमी पूजा की आस में जब बाजार में मूली और गन्ना खरीदने पहुंचा तो कई गुने दाम सुनकर होश उड़ गए। लाख कोशिशों के बाद भी भक्तों को जेब ढ़ीली करनी ही पड़ी।
दाम बढ़ा दिए
दशहरे पर गन्ना, मूली और सिंघाड़ा की खास अहमियत होती है। इस महत्ता को समझते हुए सब्जी विक्रेताओं ने अपने दाम बढ़ा दिए। दस रुपए किलो बिकने वाली मूली शनिवार को 50 रुपए प्रति किलोग्राम बिकी। आमतौर पर दस रुपए में मिलने वाला गन्ना भी 40 रुपए का बिका।
जबर्दस्त डिमांड
सिंघाड़े के दामों में भी बेतहाशा बढ़ोत्तरी नजर आई। सब्जी विक्रेता रहीस ने बताया कि मंडी में माल की शार्टेज होने की वजह से उन्हें महंगा खरीदना पड़ा है। ऐसे में वह रोज की भांति दामों पर मूली नहीं बेच सकते हैं। गन्ना विक्रेता विकास ने बताया कि गन्ने की कई दिनों में जबर्दस्त डिमांड है।
वह बहुत दूर से गन्ना खरीदकर लाए हैं। इस वजह से उन्हें मजबूरी में गन्ना बेचना पड़ रहा है। मूली खरीदने आई सुशीला देवी ने बताया कि दो दिन पहले वह दस रुपये किलो मूली लेकर गई थी लेकिन आज दशहरा पूजा में इस्तेमाल को देखते हुए सीधे 50 रुपये किलो दाम कर दिया गया है।