कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन का एनकाउंटर करने वाले आईपीएस के विजय कुमार ने खुलासा किया कि पुलिस एनकाउंटर नहीं बल्कि किसी और तरीके से मारना चाहती थी। आगे जानिए...
कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को जिंदा पकड़ पाने में नाकामयाब रही पुलिस उसे जहर देकर मारना चाहती थी। इसके लिए मधुमेह (शुगर) के लिए उसे दी जाने वाली इंसुलिन में जहर मिलाने की योजना बनाई गई। लेकिन वीरप्पन को इसका पता चल गया और पुलिस की योजना फेल हो गई।
वीरप्पन का एनकाउंटर करने वाली एसटीएफ का नेतृत्व करने वाले आईपीएस के विजय कुमार ने रविवार को राजधानी में चल रहे इंटरनेशनल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल ‘वैली ऑफ वर्ड्स’ में यह खुलासा किया।
वैली ऑफ वर्ड्स में पूर्व आईपीएस अधिकारी के विजय कुमार की पुस्तक ‘वीरप्पन : चेजिंग द ब्रिगेंड’ पर परिचर्चा हुई। उत्तराखंड पुलिस के पूर्व डीजीपी अशोक लाल ने भी परिचर्चा में हिस्सा लिया।
विजय कुमार ने बताया कि वीरप्पन बेहद चालाक था। उसका नेटवर्क भी बेहद मजबूत था। पुलिस उसे पकड़ने की कोई प्लानिंग करती, तो वीरप्पन को उसकी भनक लग जाती थी। उन्होंने बताया कि इलाके के कई आदिवासी और ग्रामीण भी उसकी बचने में मदद करते थे।