उत्तराखंड आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के संबद्ध कॉलेजों के स्टूडेंट्स ने यूनिवर्सिटी गेट पर ताला लगा दिया। पांच घंटे तक वाइस चांसलर सहित सभी अधिकारी यूनिवर्सिटी में कैद होकर रह गए। छात्रों का गुस्सा निजी कॉलेजों के खिलाफ था। उनका आरोप है कि फीस का मामला हाईकोर्ट में पेंडिंग होने के बावजूद इसके बहाने उन्हें डिबार कर दिया गया है। इससे उनका कॅरियर संकट में आ गया है।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के संबद्ध कॉलेजों के करीब 400 छात्र हर्रावाला स्थित कैंपस पहुंचे। यहां उन्होंने भीतर घुसने की कोशिश की, लेकिन जब सुरक्षा कर्मचारियों ने रोका तो गुस्साए छात्रों ने गेट बंद कर ताला लटका दिया। वह गेट पर अधिकारियों को बुलाने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। पांच घंटे तक उन्होंने न तो भीतर से किसी अधिकारी को बाहर आने दिया और न बाहर से किसी को भीतर जाने दिया। दोपहर बाद कुलपति ने उन्हें बातचीत करने के लिए बुलाया।
जबरन मांग रहे बढ़ी हुई फीस
छात्रों ने आरोप लगाया कि फीस बढ़ोतरी का मुद्दा हाईकोर्ट में चल रहा है। इसके बावजूद कॉलेज बढ़ी हुई फीस वसूलने का दबाव बना रहे हैं। कई-कई महीनों से उन्हें क्लास से डिबार किया हुआ है। कई छात्रों का यह भी आरोप था कि उन्हें जानबूझकर प्रैक्टिकल में फेल किया जा रहा है। क्लास से बाहर होने की वजह से उनकी पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। ऐसे में उनकी 75 प्रतिशत उपस्थिति कैसे पूरी होगी? मामले की गंभीरता को समझते हुए कुलपति ने छात्रों को कार्रवाई का आश्वासन दिय। कुलपति प्रो. अभिमन्यु कुमार ने कहा कि कॉलेजों का जबरन बढ़ी फीस वसूली का फैसला गलत है। वह सभी कॉलेजों को इस संबंध में नोटिस जारी करेंगे। इसके बाद छात्र वहां से लौट गए।