कैमरे के आगे एक्टिंग की बात हो या फिर कैमरे के पीछे से डायरेक्शन की, यह विधा सीखने के लिए अब उत्तराखंड के युवाओं को देश के नामी संस्थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट केंद्र राज्य में जल्द ही फिल्मों से जुड़े तमाम प्रकार के कोर्स शुरू करेगा। कुछ कोर्सों को राज्य सरकार स्किल डेवलपमेंट स्कीम के साथ भी जोड़ने जा रही है, जिससे ये निशुल्क उपलब्ध होंगे।
फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) के दो केंद्र पुणे और कोलकाता में संचालित हैं। इन केंद्रों में डायरेक्शन एंड स्क्रीन प्ले राइटिंग, सिनेमैटोग्राफी, साउंड रिकॉर्डिंग एंड साउंड डिजाइन, एडिटिंग, एक्टिंग, टीवी डायरेक्शन, वीडियो एडिटिंग, इलेक्ट्रॉनिक सिनेमैटोग्राफी आदि के डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्स संचालित किए जाते हैं। देश के फिल्म उद्योग को इन दोनों केंद्रों ने तमाम नामी एक्टर, डायरेक्टर दिए हैं। इस कड़ी में बीते दिनों राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और एफटीआईआई पुणे के निदेशक भूपेंद्र कैंथोला की मुलाकात हुई थी।
मुख्यमंत्री ने उनसे राज्य में संस्था का एक केंद्र खोलने को लेकर चर्चा की। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय अधीन इस संस्थान को लेकर मंत्री स्मृति ईरानी एवं राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से भी मुख्यमंत्री ने दिल्ली में वार्ता की।
खबर है कि राज्य में एफटीआईआई का केंद्र खोले जाने पर सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। अब इसके लिए स्थान का चयन किया जा रहा है। इसी क्रम में भूपेंद्र कैंथोला के साथ 29 दिसंबर को एक और बैठक है, जिसमें केंद्र की स्थापना के संबंध में चर्चा होगी। मुख्यमंत्री के स्तर पर यह भी तय हुआ है कि एफटीआईआई द्वारा कराए जाने वाले कुछ कोर्स स्किल डेवलपमेंट स्कीम से भी जोड़ दिए जाएंगे। ऐसे में राज्य के युवाओं को रोजगार मुहैया कराने का भी यह एक जरिया बन जाएगा।
फिल्मों के लिए एक विशेष पॉलिसी भी जल्द
राज्य में फिल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहित करने के लिए जल्द ही विशेष फिल्म पॉलिसी भी तैयार की जा रही है। इसमें मौजूदा छूट को बढ़ाने के साथ ही सिंगल विंडो क्लियरेंस दिए जाने की तैयारी है। वहीं मौजूदा रियायत में भी वृद्धि संभव है।