स्कूली वैन के लिए परमिट व्यवस्था लागू होने के बाद वैन संचालक अभिभावकों को परेशान करने लगे हैं। उन्होंने अभिभावकों से साफ कह दिया है कि वह 12 साल से कम उम्र के बच्चों को ही स्कूल ले जाएंगे और ले आएंगे।
इससे अधिक उम्र या सातवीं कक्षा में पहुंच चुके बच्चों को ले जाने और ले आने से मना कर रहे हैं। यही नहीं, 12 साल से कम उम्र के जिन बच्चों को वे ले जाएंगे, उनके किराये में भी सौ से दो सौ रुपये की बढ़ोतरी करने जा रहे हैं।
केस-एक
सहारनपुर रोड निवासी उपेंद्र गुप्ता के दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र 12 वर्ष से ज्यादा है। वैन संचालक ने अगले माह से उनके बच्चों को वैन से ले जाने को मना कर दिया है। कारण पूछने पर बताया कि एसएसपी ने ऐसा आदेश दिया है। अब उपेंद्र परेशान हैं कि उनके बच्चे कैसे स्कूल जाएंगे-आएंगे।
केस -दो
डांडीपुर निवासी अतुल गोयल के बच्चों की उम्र 12 वर्ष से कम है। उन्होंने बताया कि वैन संचालक ने अगले माह से प्रति बच्चा किराया बढ़ाने को कहा है। अभी तक वह आठ सौ रुपये देते थे, लेकिन अब वैन संचालक ने यह राशि बढ़ाकर 1200 रुपये कर दी है। इस बोझ से गोयल परेशान हैं।
इसलिए कर रहे इनकार
परिवहन विभाग वैन संचालकों को छह या आठ सीटर परमिट जारी कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि बच्चों की उम्र 12 वर्ष से अधिक हुई तो एक सीट पर एक ही बच्चा बैठ सकेगा। यानी कमाई पर असर पड़ेगा। दूसरी ओर, कम उम्र के दस से 16 बच्चों को वैन संचालक आठ सीटों पर ‘एडजस्ट’ कर लेंगे। यही वजह है कि वे 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को ले जाने से इनकार कर रहे हैं।
परमिट के लिए केवल तीन आवेदन
शहर में स्कूल वैन एसोसिएशन से जुड़े 450 वैन संचालक बच्चों को ढोते थे। परिवहन विभाग से परमिट लेने के लिए वैन संचालक रुचि नहीं दिखा रहे हैं। विभाग के परमिट सेक्शन के वरिष्ठ लिपिक अनिल आनंद ने बताया कि अब तक उनके पास केवल तीन आवेदन आए हैं, जबकि फार्म लेने वालों का आंकड़ा 50 तक भी नहीं पहुंचा है।
किमी के हिसाब से तय हो किराया
वैन संचालकों की मनमानी से परेशान कई अभिभावकों ने सोमवार को अमर उजाला को फोन करके अपनी परेशानी बताई। उन्होंने कहा कि वह वैन संचालकों के खिलाफ पुलिस के अभियान में साथ हैं लेकिन एसएसपी को वैन वालों का किराया किलोमीटर के हिसाब से तय कर देना चाहिए, ताकि वैन वालों की मनमानी न चले और अभिभावक भी परेशान न हों।
स्कूल प्रबंधन करे व्यवस्था : एसएसपी
एसएसपी केवल खुराना का कहना है कि पुलिस का प्रयास है कि बच्चों को स्कूल लाने, घर छोड़ने की व्यवस्था स्कूल प्रबंधन करे। अगर वैन संचालक बच्चों की उम्र या किराये के लिए अभिभावकों को परेशान कर रहे हैं तो इसे देखा जाएगा। स्कूल की जिम्मेदारी तय करने से पहले परिवहन विभाग को किराया निर्धारित करने के लिए कहा जाएगा।
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