देहरादून में वैली ऑफ वर्ड्स, साहित्य एवं कला महोत्सव का आयोजन इस वर्ष नवंबर में होगा। महोत्सव में वैली ऑफ वर्ड्स अवार्ड-2020 भी प्रदान किए जाएंगे। महोत्सव की ज्यूरी ने सात अलग-अलग श्रेणियों के अवॉर्ड के लिए 35 किताबों को शॉर्टलिस्ट कर लिया है।
जूरी सदस्यों में प्रिंसिपल एडवाइजर रॉबिन गुप्ता, एलएस बाजपेयी, प्रोफेसर सतीश एकांत, डॉ. दयावंती डिमरी और प्रोफेसर दिव्या सक्सेना आदि शामिल रहे। महोत्सव के आखिरी दिन 22 नवंबर को विजेताओं की घोषणा की जाएगी।
करीब तीन माह तक चली प्रक्रिया के दौरान 400 से ज्यादा किताबों को बारीकी से देखा। इन किताबों को तमाम बड़े लेखकों के साथ ही पत्रकारों, आलोचकों और लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन मसूरी के पूर्व और मौजूदा फैकल्टी सदस्यों ने पढ़ा और उस पर अपनी-अपनी राय दी।
आयोजकों ने बताया कि महोत्सव में सात अलग-अलग श्रेणियों में किताबों का चयन किया जाएगा, जिन्हें वैली ऑफ़ वर्ड्स अवार्ड दिया जाएगा। क्रिएटिव राइटिंग इन इंग्लिश फिक्शन एंड पोएट्री, इंग्लिश नॉनफिक्शन, क्रिएटिव राइटिंग इन हिंदी फिक्शन एंड पोएट्री, हिंदी नॉन फिक्शन, ट्रांसलेशन फ्रॉम रीजनल लैंग्वेजेस इन टू इंग्लिश, ट्रांसलेशन फ्रॉम रीजनल लैंग्वेजेस इन टू हिंदी और राइटिंग फॉर यंग एडल्ट्स कैटेगरी में किताबों का चयन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विजेताओं की घोषणा केंद्रीय पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह करेंगे। आयोजन पंजाबी यूनिवर्सिटी के देहरादून कैंपस में होगा। जिसमें चुनिंदा लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना आसान होगा। इस अवसर पर निधि मलिक, डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे, अंजुम शर्मा, शिवानी आदि मौजूद रहे।