घांघरिया से फूलों की घाटी तक तीन किमी पैदल ट्रेक जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ा है। यहां एक किलोमीटर पैदल रास्ता करीब चार मीटर तक ध्वस्त पड़ा हुआ है। रास्ते में दो जगहों पर हिमखंड भी टूटे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि ट्रेक की मरम्मत के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। 15 मई तक ट्रेक को आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया जाएगा और एक जून को फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खोल दी जाएगी।
फूलों की घाटी दुनिया में एकमात्र ऐसी घाटी है, जहां 300 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं। अपनी जैव विविधता के लिए यह घाटी विश्व विख्यात है। यहां फूलों के साथ ही दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों, परिंदों व जड़ी-बूटियों का दीदार भी पर्यटक करते हैं।