विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी शुक्रवार से पर्यटकों के लिए खोल दी गई है। पहले दिन 43 सैलानियों ने घाटी के दीदार किए। घाटी में इस वक्त मौसम अनुकूल बना हुआ है। सैलानी आगामी अक्तूबर माह तक घाटी की सैर का लुत्फ उठा सकेंगे।
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के वन क्षेत्राधिकारी बृजलाल भारती ने बताया कि घाटी के सैर-सपाटे पर पहुंचने वाले पर्यटकों का घांघरिया में पंजीकरण करवाया जा रहा है। किसी भी पर्यटक को दोपहर दो बजे बाद घाटी में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। बता दें कि फूलों की घाटी के लिए पर्यटक हेमकुंड साहिब ट्रैक पर घांघरिया तक पहुंचते हैं। फिर करीब चार किलोमीटर की पैदल दूरी तय करने के बाद घाटी के दीदार होते हैं।
इसके लिए देश-दुनिया से पर्यटकों की आनलाइन बुकिंग भी आने लगी है। अब तक 80 देशी और 22 विदेशी पर्यटक फूलों की घाटी के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर चुके हैं। फूलों की घाटी दुनिया में एकमात्र ऐसी घाटी है, जहां 300 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं। अपनी जैव विविधता के लिए यह घाटी विश्व विख्यात है। यहां फूलों के साथ ही दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों, परिंदों व जड़ी-बूटियों का दीदार भी पर्यटक करते हैं।