लोगों का कहना है कि संरक्षण के नाम से हर साल लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं लेकिन इस पुल की हालत नहीं सुधरी। वर्तमान में भी एक हफ्ते से आपदा की मद से 38 लाख रुपये की लागत से पुल का प्रोटेक्शन वर्क चल रहा है।
अवर अभियंता विनीत सैनी का कहना है कि पुल की नींव जुलाई 18 में ही दरक चुकी थी। तभी सुरक्षा के लिए 30 मीटर लंबे पुल की लंबाई 3 मीटर बढ़ा दी गई थी। जिससे खतरा टल गया।
जो नींव आज दरकी है वह अस्थायी बनायी गयी थी। वर्तमान में आपदा मद से मजबूत स्थायी संरक्षण कार्य चल रहा है। इसके लिए 23 फरवरी को भारी वाहनों का संचालन पुल से बंद रहेगा।