टीकाकरण से छूटे बच्चों के लिए प्रत्येक माह विशेष अभियान चलाया जाएगा। हर माह की सात तारीख को बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। वहीं टीकाकरण बढ़ाने के उद्देश्य से अक्तूबर में हरिद्वार, पौड़ी और टिहरी समेत नौ जिलों में विशेष अभियान चलेगा।
बुधवार को गांधी रोड स्थित होटल में क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पश्चिम क्षेत्र की ओर से कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य अतिथि एनएचएम मिशन निदेशक डॉ. नीरज खैरवाल ने निदेशालय कर्मियों को वृहद अभियान चलाने के निर्देश दिए। एनएचएम निदेशक डॉ. आरएस असवाल ने बताया कि मिशन इंद्रधनुष ऐसे जिलों में शुरू किया गया, जहां टीकाकरण का काम पिछड़ा था।
2014 से कुल 11 यूनिटों को मिशन के तहत इस काम पर लगाया गया है। छह घातक बीमारियों के अलावा हैपेटाइटिस-बी और मेनिजाइटिस की रोकथाम के लिए भी टीके लग रहे हैं। अपर निदेशक डा. अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि एनएचएम के तहत मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नवजात शिशुओं को टिटनेस मुक्त किया गया है। संस्थागत सुरक्षित प्रसव 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है। क्षेत्रीय प्रचार निदेशक आशीष गोयल ने कहा कि पिछले वर्ष स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने निदेशालय को 600 कार्यक्रम आवंटित किए थे। इनके तहत देश भर में जन जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रम हुए।