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Uttarkashi: यमुनाघाटी के जंगलों में पहली बार ड्रोन से पहरेदारी, फायर सीजन में अपर यमुना वन प्रभाग ने की पहल

Tue, 05 May 2026 02:13 PM IST
Renu Saklani विजयपाल रावत, संवाद न्यूज एजेंसी,नौगांव (उत्तरकाशी)।

सार

यमुना वन प्रभाग की मुंगर सन्ती, कुथनौर और रवांई रेंज में सबसे ज्यादा आग की घटनाएं सामने आई है। आग की घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने तीनों रेंज के जंगलों में ड्रोन कैमरे उड़ाने की योजना तैयार की है जिससे आग की सही लोकेशन मिल सके।
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यमुोत्री घाटी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अपर यमुना वन प्रभाग के जंगलों में आग लगाने वाले अपराधियों पर अब ड्रोन  कैमरे से निगरानी रखी जाएगी। कैमरे लगने से चोरी छिपे जंगलों में आग लगाने वाले शरारती तत्व आसानी से पकड़ में आ सकेंगे। अपर यमुना वन प्रभाग में पहली बार यह पहल की शुरुआत की जा रही है।

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फायर सीजन में अपर यमुना वन प्रभाग की मुंगर सन्ती, कुथनौर और रवांई रेंज में सबसे ज्यादा आग की घटनाएं सामने आई है। आग की घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने तीनों रेंज के जंगलों में ड्रोन कैमरे उड़ाने की योजना तैयार की है जिससे आग की सही लोकेशन मिल सके।

अपराधियों  के  खिलाफ सख्त  कार्यवाही  के  निर्देश
योजना के तहत अब जंगलों को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाने वाले अपराधी ड्रोन कैमरे की नजर से नहीं बच पाएंगे। 15 फरवरी से 15 जून तक चलने वाले फायर सीजन में मई और जून में वनाग्नि की घटनाओं की ज्यादा संभावनाएं होती है।
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वन विभाग वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए कई तरह के कार्यक्रम चला कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास करता है लेकिन अपराधी फिर भी जंगलों में आग लगाने से बाज नहीं आते हैं। बीते दिनों यमुना घाटी में दो दिवसीय  भ्रमण  पर पहुंचे मुख्य वन  संरक्षक   डॉ.  धीरज पांडेय ने ड्रोन कैमरे से वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण  और  वनों में आग लगाने वाले  अपराधियों  के  खिलाफ सख्त  कार्यवाही  के  निर्देश  दिए थे।

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विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जंगलों में आग लगाने वाले व्यक्ति विभाग के कर्मचारियों के पहुंचने से पहले गायब हो जाते हैं। उप प्रभागीय वनाधिकारी अपर यमुना वन प्रभाग साधु लाल पलियाल का कहना है कि बड़कोट अपर यमुना वन प्रभाग में पहली बार वनाग्नि की घटनाओं पर ड्रोन कैमरे से नजर रखी जाएगी। 

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