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Uttarkashi Tunnel Rescue: सुरंग के बाहर से छेद कर मजदूरों को निकालने के लिए सर्वे शुरू, की गई मॉकड्रिल

Fri, 17 Nov 2023 10:19 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी

सार

Uttarkashi Tunnel Rescue: सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों को बचाने के लिए पूर्व में सर्वे किया गया था। जिसमें सुरंग तक पहुंचने के लिए ऊर्ध्वाधर करीब 103 मीटर चौड़ाई मिली है। लेकिन, इसमें सुरंग के अंदर मलबा गिरने का खतरा है।
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विस्तार
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उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे 40 मजदूरों को बचाने के लिए प्लान सी पर भी काम किया जा रहा है। इस प्लान के तहत सुरंग के बाहर से छेद करके मजदूरों को निकालने की योजना रखी गई है। एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए भू-वैज्ञानिक व भूभौतिकीय सर्वेक्षण से जुड़ी टीमों के द्वारा सर्वे किया जा रहा है।

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एनएचआईडीसीएल के निदेशक अंशु मनीष खलखो ने बताया कि सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों को बचाने के लिए पूर्व में सर्वे किया गया था। जिसमें सुरंग तक पहुंचने के लिए ऊर्ध्वाधर करीब 103 मीटर चौड़ाई मिली है। लेकिन, इसमें सुरंग के अंदर मलबा गिरने का खतरा है।

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वर्तमान में ऑगर मशीन से ही ड्रिलिंग का कार्य किया जा रहा है। उसमें सफलता मिलने की उम्मीद है। लेकिन प्लान सी पर भी काम शुरू किया गया है। जिसमें बाहर से भी छेद कर अंदर फंसे लोगों बचाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

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ड्रिलिंग के बाद की कार्रवाई के लिए की गई मॉक ड्रिल

सिलक्यारा टनल में फंसे 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और अन्य आपातकालीन कवायदों को लेकर पुलिस, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआएफ के जवानों ने मॉक ड्रिल की। इस दौरान जरूरत पड़ने पर अंदर फंसे लोगों को पाइप के अंदर घुसकर बाहर निकालने, उनके मेडिकल चेकअप को लेकर तैयारी परखी गई।

एसपी अर्पण यदुवंशी ने इस बताया कि ड्रिलिंग की कार्रवाई के बाद रेस्क्यू के अगले चरण में पाइप के जरिए अंदर फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के काम में किसी तरह की दिक्कत न आए इसे लेकर मॉक ड्रिल की गई है।

ऐसा इसलिए किया गया है ताकि सभी आपदा राहत से जुड़ी एजेंसियों के बीच अच्छा समन्वय रहे। एसपी ने बताया यहां पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व आईटीबीपी की टुकड़ियां चौबीसों घंटे तैनात हैं। जो कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू सेवाएं देंगी। प्राथमिक उपचार के लिए साइट के बाहर ही मेडिकल सहायता केंद्र बनाए गए हैं।
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