वैकल्पिक लाइफ लाइन बनाई गई
मुख्यमंत्री ने पीएम को बताया, छह इंच व्यास के पाइप लाइन सफलतापूर्वक बिछाने के बाद वैकल्पिक लाइफ लाइन बनाई गई है। जिसके माध्यम से टनल में फंसे श्रमिकों तक ताजा पका भोजन, फल, ड्राई फ्रूट्स, दूध, जूस के साथ ही डिस्पोजेबल प्लेट्स, ब्रश, तौलिया, छोटे कपड़े, टूथ पेस्ट, साबुन आदि दैनिक जरूरत की सामग्री बोतलों में पैक कर भेजी जा रही है। इसी पाइप लाइन के जरिए एसडीआरएफ के कम्युनिकेशन सेटअप के जरिये श्रमिकों से नियमित संवाद किया जा रहा है। श्रमिकों और उनके परिवार जनों को भी बातचीत कराई जा रही है।
नजदीकी अस्पताल में 41 विशेष बेड तैयार
सीएम ने बताया, सिलक्यारा में स्थापित अस्थायी अस्पताल में तैनात डाॅक्टर श्रमिकों के स्वास्थ्य के निरंतर निगरानी कर रहे हैं। एंबुलेंस से लेकर नजदीकी अस्पताल में 41 विशेष बेड श्रमिकों के लिए तैयार किए गए हैं। मनोचिकित्सक भी नियमित रूप से टनल में फंसे श्रमिकों की काउंसलिंग कर रहे हैं।
सुरक्षा कैनोपी और एस्केप टनल भी बनाई
मुख्यमंत्री ने बताया, राहत और बचाव कार्यों में लगे श्रमिकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रेस्क्यू स्थल पर प्री कॉस्ट आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट और ह्यूम पाइप के जरिए सुरक्षा कैनोपी और एस्केप टनल बनाई गई है। इससे किसी भी आपात स्थिति में सुरंग के भीतर रेस्क्यू में जुटे लोगो को सुरक्षित निकासी सुनिश्चित हो सकेगी। सुरक्षा से जुड़ी अन्य विशेष हिदायतों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।