इसके बाद पूरा महकमा बाबा बौखनाग देवता के पश्वा के पास पहुंचा। वहां पर देवपश्वा ने भविष्यवाणी की थी कि तीन दिन के भीतर सभी मजदूर सुरक्षित बाहर निकलेंगे। उनकी भविष्यवाणी सच साबित हुई और सभी 41 मजदूर सुरक्षित बाहर निकाले गए थे। यह देश का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन था जो 17 दिन चला था।
उस दिन वहां मौजूद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सुरंग के बाहर बाबा बौखनाग देवता के मंदिर के निर्माण की घोषणा की थी। वहीं मजदूरों ने भी राड़ी टॉप पर जाकर हवन किया था। वहीं सुरंग के अंदर गंगा जल भी छिड़का गया था। बुधवार को सुरंग के आरपार होने पर नवनिर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की गई। वहीं सीएम ने यह भी घोषणा की कि सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग के नाम को बाबा के नाम पर रखने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।