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उत्तरकाशी: सड़क नहीं होने से अस्पताल नहीं पहुंच पाई गर्भवती, गांव में ही हुआ प्रसव, नवजात की मौत

Sun, 06 Sep 2020 08:01 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी

सार

  • महिला की तबीयत बिगड़ने पर डंडी-कंडी के सहारे पहुंचाया अस्पताल
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- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड के डुंडा प्रखंड में सड़क से दो किमी पैदल दूरी पर स्थित जिनेथ गांव में समय से पूर्व प्रसव होने पर नवजात की मौत हो गई, जबकि प्रसूता की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों ने उसे डंडी कंडी के सहारे सड़क तक लाकर अस्पताल पहुंचाया।

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यहां से उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। सड़क के अभाव में आए दिन इस तरह की समस्याओं से दो चार हो रहे ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में हो रहे विलंब में रोष जताया।  जिनेथ गांव निवासी पुष्पा देवी पत्नी सुशील अवस्थी को शनिवार को प्रसव पीड़ा हुई।

सूचना मिलते ही प्रशासन से गांव के निकट सड़क तक एंबुलेंस भेज दी थी, लेकिन गांव सड़क से दो किमी दुर्गम पैदल दूरी पर स्थित होने के कारण महिला को अस्पताल नहीं लाया जा सका। रात को गांव में ही प्रसव कराने पर नवजात की मौत हो गई और महिला की तबीयत बिगड़ गई।

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रविवार सुबह ग्रामीणों ने महिला को डंडी कंडी में बैठाकर दुर्गम पैदल रास्ते से सड़क तक पहुंचाया। यहां से उसे जिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर देहरादून रेफर कर दिया।

महिला के पति सुशील अवस्थी के साथ ही जिनेथ गांव निवासी रमेश अवस्थी, विमलदेव अवस्थी, सुरेंद्र, प्रकाश, बुद्धि सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के अभाव में ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्षों पुरानी मांग पर गांव के लिए सड़क का निर्माण शुरू तो हो गया है, लेकिन धीमी रफ्तार के चलते अभी इसमें समय लग रहा है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सड़क का निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है।
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