ग्राम प्रधान सीमा सेमवाल का कहना है कि घटना से बच्चे डरे हुए हैं। यदि भवन की मरम्मत नहीं की गई तो बरसात में कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। विद्यालय की छत जगह-जगह से खोखली हो चुकी है, जो कभी भी भरभरा कर गिर सकती है।
इधर, प्रभारी खण्ड शिक्षाधिकारी नौगांव बृजमोहन सिंह चौहान का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से अग्रिम आदेशों तक बच्चों को पंचायत भवन में शिफ्ट कर पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जीर्ण-क्षीर्ण विद्यालय की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।