बीती 13 मई को बड़ी मणी गांव में आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुनीता देवी को भी गुलदार ने निवाला बनाया था। ग्रामीणों ने कहा कि भागीरथी देवी के मौत के बाद उनके दोनों बच्चे अनाथ हो गए हैं। इसलिए उनको सरकारी नौकरी दी जाए। वहीं ग्रामीणों ने गुलदार को नरभक्षी घोषित करने की मांग की। बवाल के कारण करीब छह घंटे तक घटनास्थल से शव नहीं उठ पाया तो डीएम अभिषेक रुहेला मौके पर पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। उसके बाद ग्रामीण माने और राजस्व विभाग ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी चिन्यालीसौड़ पहुंचाया। डीएफओ डीपी बलूनी ने कहा कि गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जा रहा है। गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उसके शूट करने के आदेश उच्च स्तर से दे दिए गए हैं। इसके लिए शूटर की टीम रवाना हो गई है।
एक माह पहले हुई थी पति की मौत
मृतक भागीरथी देवी के पति भूपति प्रसाद नौटियाल की भी एक माह पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। उनके दो बच्चे मनीषा (21) और शुभम (19) अभी कॉलेज में पढ़ाई करते हैं। इनके पास आर्थिकी का कोई साधन नहीं है।