1935 में जॉन बिकनेल ऑडेन ने की थी खोज
ऑडेन्स कॉल रुद्रगैरा घाटी और भिलंगना घाटी को जोड़ने वाला एक दर्रा है, जिसका नाम ब्रिटिश भौगोलिक सर्वेक्षण अधिकारी जॉन बिकनेल ऑडेन के नाम पर रखा गया है। जिन्होंने पहली बार 1935 में इसकी खोज की थी और 1939 में इसे पार किया था। यह दर्रा 5490 मीटर की ऊंचाई पर है और उत्तर-पश्चिम में गंगोत्री तृतीय (6580 मीटर) चोटी से आने वाली पर्वत शृंखला और पूर्व में जोगिन प्रथम (6465 मीटर) से आने वाली पर्वत शृंखला को जोड़ता है। लगभग 100 किमी लंबे इस ट्रैक में रोमांच से भरपूर ख़तरनाक खतलिंग ग्लेशियर व मयाली दर्रे को पार करना चुनौतीपूर्ण व जोखिम भरा माना जाता है।
गंगोत्री से पहुंचते हैं गौरीकुंड
इस ट्रैक मार्ग पर ट्रैकर गंगोत्री समूह, जोगिन समूह, भागीरथी समूह, केदार डोम, रुद्रगैरा की सुंदर व बर्फीली चोटियों के दर्शन करते हुए सूखा ताल, ऑडेन्स कॉल, खतलिंग ग्लेशियर, मासर ताल, मयाली पास व वासुकीताल होते हुए केदारनाथ (गौरीकुंड) पहुंचते हैं।