सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि बवाल के बाद गत शुक्रवार से ही प्रदर्शन के दौरान की वीडियो फुटेज की जांच शुरू कर दी गई है। इसकी विवेचना पुलिस निरीक्षक मनोज असवाल को सौंपी गई है। बताया कि वीडियो फुटेज की जांच कर अज्ञात आरोपियों की पहचान करने के साथ पुलिस पर स्टील की बोतल मारने वाले और पथराव शुरू करने वालों की पहचान की जाएगी।
इससे नामजद आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। बताया कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त सबूत जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। सीओ ने बताया कि जनाक्रोश रैली के दौरान ड्रोन कैमरे से लेकर पुलिस कर्मियों की तैनाती कर पूरे प्रदर्शन की वीडियो व फोटो ग्राफी करवा रही थी।