प्रशासन से मस्जिद वैध है या अवैध...स्पष्ट करने को कहा
बस ये जानकारी मिलने के बाद से ही धार्मिक संगठन ने मस्जिद के खिलाफ विरोध तेज किया हुआ है। जबकि जिला प्रशासन को कहना है मस्जिद के नाम नजूल फ्री-होल्ड या पट्टा आवंटन की भूमि नहीं बल्कि जो भूमि है वह भूमिधरी श्रेणी क की है। इस संबंध में बाद में प्रशासन की ओर से संबंधित आरटीआई आवेदन को उपलब्ध मस्जिद से जुड़े दस्तावेजों को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। लेकिन संगठन ने बाद में मिली जानकारी को मानने से इंकार कर दिया।
इसके साथ ही प्रशासन पर ही गुमराह करने का आरोप लगाया। इधर, धार्मिक संगठन के जितेंद्र सिंह का कहना है प्रशासन ने पहली आरटीआई में यह जानकारी दी थी कि मस्जिद के नाम कोई भूमि नहीं है और यह अवैध है। दूसरी बार केवल जमीन की जानकारी दी गई। उन्होंने प्रशासन से मस्जिद वैध है या अवैध। यह स्पष्ट करने को कहा है।
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सूचना बिल्कुल सही दी है। आरटीआई में पूछा गया था कि मस्जिद के नाम कोई फ्री-होल्ड नजुल व पट्टे की जमीन तो नहीं है। ऐसी कोई जमीन मस्जिद के नाम नहीं है। जो जमीन है वह भूमिधरी श्रेणी क की है। -मुकेश चंद रमोला, एसडीएम भटवाड़ी