वहीं डंपिंग जोन के नीचे ग्राम पंचायत मंजगांव व सौंद गांव के स्थित होने से यहां भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र के ग्रामीण चंद्रिका, पंकज बिजल्वाण व सुधीर बिजल्वाण का कहना है कि कंपनी ने क्षेत्र में डंपिंग जोन की भार वहन क्षमता से अधिक मलबे की डंपिंग की है। वहीं बरसाती नाला भी पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से कंपनी के इस काम की जांच करवाने के साथ भविष्य में हादसे से बचाव को सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
मंजगांव, सौंद व वाण में जहां-जहां डंपिंग जोन है। उन गांव के लोगों को कंपनी में रोजगार दिया गया है। वहां सुरक्षात्मक कार्य का जिम्मा भी गांव के लिए लोगों को ही दिया है लेकिन अब वह अपने गांव की सुरक्षा के लिए काम ठीक नहीं कर रहे हैं और कंपनी को दोषी ठहरा रहे हैं। यह गलत है।
-गिरधारी लाल, पीआरओ नवयुगा इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड।