दीपांशु अपने परिवार का इकलौता बेटा है और दो महीने पहले ही मुकेश व आफताब के साथ धराली आया था। आपदा की वीडियो देखने के बाद परिवारजन तुरंत सहारनपुर से रवाना हुए और अगले दिन सुबह उत्तरकाशी पहुंचे। लेकिन गंगनानी से आगे धराली जाने वाला मार्ग और सड़क टूट चुकी थी जिसके कारण वे मातली हेलिपैड से आगे नहीं जा पा रहे हैं।
पिछले पांच दिनों से ये परिजन वहीं रुके हैं। हर हेलिकॉप्टर की लैंडिंग पर उनके दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं। जैसे ही दरवाजा खुलता है, वे हर चेहरे को बारीकी से देखते हैं इस आस में कि शायद इस बार उनका अपना लौट आए लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगती है।
इनका क्या है कहना
धराली आपदा में जो भी लोग लापता चल रहे है उनकी तलाश की जा रही है। लापता लोगों की सूची तैयार की जा रही है। लापता लोगों के परिजनों से प्रशासन की टीम लगातर संवाद कर रही है।
- प्रशांत आर्य, डीएम उत्तरकाशी