दो ठेकेदारों के साथ धराली में मजदूरी करने आया था
लेखराज ने बताया कि उनका बेटा कुछ दिन पहले ही दो ठेकेदारों के साथ धराली में मजदूरी का कार्य करने आया था। उससे तीन अगस्त को बात हुई तो उसने बताया कि वह रक्षाबंधन के लिए घर आएगा लेकिन अभी ठेकेदारों ने उसका पैसा नहीं दिया था। उसके बाद से उससे बात नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अपने भाई के घर पर इंतजार ही करती रह गई। उसके बाद वह भी आठ अगस्त को उत्तरकाशी पहुंचे।
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वहां पर उन्होंने मातली हेलिपैड पर अपने बेटे की जानकारी लेनी चाही लेकिन कुछ न मिलने पर स्थानीय विधायक की मदद से हेली सेवा के माध्यम हर्षिल पहुंचे। उसके बाद से वे धराली, हर्षिल में अपने बेटे की तस्वीर लेकर उसकी जानकारी ले रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ठेकेदार भी किसी प्रकार की जानकारी नहीं दे रहे हैं।