पुरोला में हुए विवाद को लेकर आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। बवाल के चलते पुरोला छोड़ चुके भाजपा नेता का एक बयान सामने के बाद मामला और गरमा गया। हालांकि समुदाय विशेष के लोगों ने ही भाजपा नेता के बयान का खंडन किया है।
बवाल के चलते पुरोला छोड़ चुके भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मो. जाहिद मलिक ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि पुरोला में प्रदर्शन के दौरान समुदाय विशेष की महिलाओं के लिए अपशब्द बोले गए। जिसका पुरोला में रह रहे समुदाय विशेष के बाले खां सहित अशरफ और जावेद ने खंडन किया है।
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उनका कहना है कि 29 मई को पुरोला में जो प्रदर्शन हुआ, उसमें समुदाय की महिलाओं के लिए कोई अपशब्द नहीं बोला गया। वहीं उनका जाहिद मलिक से कोई लेना देना नहीं है। इस संबंध में उन्होंने उपजिलाधिकारी पुरोला को ज्ञापन सौंपा है।
पुरोला प्रधान संगठन ने 26 मई को पुरोला में नाबालिग़ को भगाने की कोशिश के मामले के बाद उपजे विवाद पर अब 15 जून को पुरोला में महापंचायत का एलान किया है। प्रधान संगठन अध्यक्ष अंकित रावत ने एसडीएम पुरोला को ज्ञापन दिया।