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जनता दरबार में शिक्षामंत्री ने कहा, अपर निजी सचिव मुख्य परीक्षा से बाहर हुए युवाओं को मिलेगी राहत

Sat, 29 Feb 2020 11:41 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • जनता दरबार में उच्च शिक्षामंत्री ने दिया अपर निजी सचिव के उम्मीदवारों को भरोसा
  • प्रदेश भाजपा कार्यालय में आई 125 शिकायतों को सुना, अफसरों को दिए कार्रवाई के निर्देश
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2043 उम्मीदवारों को प्रदेश मंत्रिमंडल से राहत मिलेगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की अपर निजी सचिव मुख्य परीक्षा से कंप्यूटर प्रमाण पत्र के कारण बाहर हुए 2043 उम्मीदवारों को प्रदेश मंत्रिमंडल से राहत मिलेगी। शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में राहत की गुहार लगाने पहुंचे उम्मीदवारों को उच्चशिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने यह आश्वासन दिया। उम्मीदवारों की शिकायत पर उन्होंने लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष से फोन पर बात की और इसके बाद उम्मीदवारों को आश्वस्त किया कि वे इस मसले को कैबिनेट में लेकर जाएंगे। 

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अपर निजी सचिव की प्रारंभिक परीक्षा 2017-18 में हुई थी। 2018 में इसके परिणाम घोषित हुए, लेकिन 2043 चयनित उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा से बाहर कर दिया गया। क्योंकि उनके पास मानकों के अनुरूप कंप्यूटर प्रमाण पत्र नहीं थे। उम्मीदवारों का कहना था कि उन्होंने उत्तराखंड के कंप्यूटर संस्थानों से प्रमाण पत्र प्राप्त किए हैं।

यदि उनके प्रमाण पत्र मानकों के अनुरूप नहीं हैं तो ये संस्थान क्यों संचालित हो रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड शासन के एक आदेश का भी जिक्र किया। जिसमें कंप्यूटर प्रमाण पत्रों के मानकों में छूट दी गई है। मंत्री ने लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष से बात करने के बाद उन्हें आश्वस्त किया कि ये मामला वे शीघ्र कैबिनेट में ले जाएंगे और उन्हें राहत दिलाएंगे।
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जनता दरबार में 125 लोगों ने बिजली, पानी, सड़क , शिक्षा व आर्थिक सहायता की शिकायतें की। मंत्री ने हर समस्या को इत्मिनान से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारी को फोन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। भाजपा नेता सुभाष बड़थ्वाल ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल और मुख्यमंत्री के ओएसडी ऊर्बादत्त भट्ट भी उपस्थित रहे। भट्ट ने कहा कि हर महीने के आखिरी पखवाड़े में अब नियमित रूप से मंत्रियों का जनता दरबार लगेगा।

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मोरी, पुरोला नौगांव में झूला पुल की मांग

उत्तरकाशी के मोरी से आए दुर्गेश्वर लाल ने मोरी, पुरोला और नौगांव में रूपिन, सुपिन और टौंस नदी के दोनों ओर आबादी के आवागमन के लिए झूला पुल बनाने की मांग की। इस पर उच्चशिक्षा राज्यमंत्री ने ईएनसी लोनिवि को निर्देश दिए कि वे उनकी मांग के अनुरूप कार्रवाई करें।

पांव छूने के अलावा कुछ नहीं करता पार्षद

नकरौंदा से आए मानसिंह, एमके भट्ट, मुकुंद सिंह रावत भगवती प्रसाद गोस्वामी ने नकरौंदा नगर निगम वार्ड 99 की आवासीय कालोनी में 400 मीटर मार्ग बनवाने की मांग की। उनका कहना था कि वार्ड का पार्षद राहुल पंवार आता तो है, लेकिन पांव छूने के अलावा कुछ नहीं करता। उनकी शिकायत पर मंत्री ने मेयर सुनील उनियाल गामा से फोन पर मार्ग बनवाने का अनुरोध किया। 

क्या करें साहब पीआरओ फोन तो उठाता नहीं

मेयर को फोन करने के बाद उच्चशिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि जब तक सड़क नहीं बन जाती, वे उन्हें फोन पर याद दिलाते रहें। इस पर नकरौंदा से आए लोगों ने कहा कि साहब फोन करें, लेकिन पीआरओ फोन तो उठाते नहीं हैं।

अंतिम गांव की सड़क है काम क्यों रोका

उच्चशिक्षा राज्यमंत्री ने उत्तरकाशी के अंतिम गांव लेवाड़ी में 2013 में स्वीकृत सड़क के कटान का कार्य रोके जाने पर पीएमजीएसवाई के अधिकारी की फोन पर क्लास लगाई। उन्होंने पूछा कि आखिर रोड कटिंग का काम क्यों रोका गया? उन्होंने एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा।

आप छात्र ले आओ, मैं टीचर दे दूंगा

रुद्रप्रयाग के पौंठी सिलगढ़ से आए संपूर्णांनंद सेमवाल, कुलेंद्र सिंह और विष्णु प्रसाद थपलियाल ने राजकीय आदर्श इंटर कालेज में लेक्चर के रिक्त पदों का मसला उठाया। इस पर मंत्री ने जिलाधिकारी से फोन पर पूछा तो उन्हें बताया गया कि कालेज में बच्चे ही नहीं हैं। इस पर मंत्री ने शिकायतकर्ता से कहा कि वे छात्र ले आएं, वे वहां टीचर उपलब्ध करा देंगे।
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