उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में ऑडिटर जनरल (एजी) की जांच आगे बढ़ गई है। बोर्ड की सचिव का कहना है कि अब एजी की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की जांच पर फैसला लिया जाएगा।
कर्मकार बोर्ड के सचिव पद से दमयंती रावत और अध्यक्ष पद से मंत्री हरक सिंह रावत को हटाने के बाद से ही यह लगातार विवादों में है। यहां हुई गड़बड़ियों की जांच की जिम्मेदारी सरकार ने एजी को दी थी। एजी को अपनी जांच 28 नवंबर तक पूरी करनी थी लेकिन जांच के दौरान सामने आ रही गड़बड़ियों की संख्या बढ़ने के चलते जांच आगे बढ़ गई है।
सूत्रों के मुताबिक, इस सप्ताह के आखिर तक एजी की जांच चल सकती है। इसके बाद रिपोर्ट बोर्ड को मिलेगी। बोर्ड की सचिव दीप्ति सिंह का कहना है कि अभी एजी की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। जब जांच रिपोर्ट आ जाएगी तो उसके बाद स्पेशल ऑडिट पर फैसला लिया जाएगा।
गौरतलब है कि कर्मकार बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल ने अमर उजाला से बातचीत में कहा था कि अगर एजी की रिपोर्ट में गड़बड़ियां पुख्ता होती हैं तो मामले की और गहराई से जांच के लिए स्पेशल ऑडिट कराया जाएगा।
नियमों की जमकर उड़ी धज्जियां
एजी की जांच में तमाम चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, एजी ने तमाम ऐसी गड़बड़ियां पकड़ी हैं, जिनमें नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। कहीं भुगतान नियमानुसार नहीं किया गया तो कहीं गलत तरीके से कार्यों का आवंटन कर दिया गया। नियम विरुद्ध हुई भर्तियों पर पहले ही कर्मकार बोर्ड की बैठक में फैसला होने के नबाद 38 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।
अभी एजी की जांच खत्म नहीं हुई है। जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही हम स्पेशल ऑडिट पर कोई फैसला लेंगे। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
- दीप्ति सिंह, सचिव, कर्मकार बोर्ड