जेल से बाहर निकलने के बाद उसका संपर्क माओवादी विचारधारा के कुछ और लोगों से भी रहा। महिला ड्रग तस्करी के आरोप में एक से अधिक बार जेल जा चुकी है। बता दें कि पूर्व में रामनगर क्षेत्र माओवादी विचारधारा से जुड़े लोगों का गढ़ रहा है।
इसके चलते खुफिया तंत्र यहां किसी भी तरह की माओवादी गतिविधि को लेकर हमेशा सतर्क रहता है। महिला ड्रग माफिया किस- किस के संपर्क में है और माओवाद की किन गतिविधियों में शामिल हो सकती है, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर का खुफिया तंत्र इसकी गहनता से जांच कर रहा है।
बता दें कि इससे पहले उत्तराखंड और यूपी में 16 वर्षों तक माओवादी गतिविधियों को अंजाम देने वाले खीम सिंह बोरा को बीते 17 जुलाई 2019 को बरेली से गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ बरेली एटीएस ने एटीएस थाना गोमती नगर लखनऊ में केस दर्ज कराया गया था।