जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति में अध्यक्ष जिलाधिकारी और उपाध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी होंगे। इसके अलावा मुख्य कृषि अधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, अग्रणी बैंक अधिकारी, उद्यान अधिकारी, जिला पर्यटन अधिकारी, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, क्षेत्रीय प्रबंधक सिडकुल, महानिदेशालय विदेश व्यापार मंत्रालय के क्षेत्रीय प्रतिनिधि, जिला स्तरीय निर्यात संवर्धन परिषद, जिला स्तरीय औद्योगिक संगठन के दो नामित प्रतिनिधि, दो प्रमुख निर्यातक को सदस्य और जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक को समिति का संयोजक सदस्य बनाया गया।
यह है उद्देश्य
प्रदेश में सक्षम व अनुकूल विदेश व्यापार एवं निर्यात संवर्धन के लिए जिले स्तर पर एक्सपोर्ट हब का मुख्य उद्देश्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना है। अभी तक किसान को यह पता नहीं होता है कि उसका उत्पाद किन-किन देशों में निर्यात हो सकता है और उसका मूल्य क्या मिलेगा। एक्सपोर्ट हब बनने से किसान के ऐसे उत्पादों की पहचान की जाएगी। जिसमें निर्यात की ज्यादा क्षमता है। इससे किसान को भी उत्पाद का अच्छी मूल्य मिल सकेगा।
उत्तराखंड से हर साल बढ़ रहा निर्यात
प्रदेश से वनस्पति, शहद, खाद्य पदार्थ, खनिज उत्पाद, रासायनिक उत्पाद, प्लास्टिक, रबड़ उत्पाद, लकड़ी से बने उत्पाद, रक्षा उपकरण, कपड़ों का निर्यात किया जाता है। हर साल प्रदेश में निर्यात बढ़ रहा है। वर्ष 2011-12 में प्रदेश से 3530 करोड़ का निर्यात हुआ है। जबकि वर्ष 2017-18 में 9389 करोड़ और वर्ष 2018-19 में 16285 करोड़ का निर्यात किया गया।