आधार को लेकर उत्तराखंड में नियम बदलने वाले है। सरकार इस फेरबदल की तैयारी में है। केंद्र सरकार की तर्ज पर उत्तराखंड सरकार भी अपना आधार अधिनियम बनाएगी। इसकी कवायद शुरू हो गई है।
प्रदेश सरकार ने आधार एक्ट का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। आगामी विधान सभा सत्र में सरकार इसका विधेयक लाएगी। सोमवार को प्रमुख सचिव वित्त राधा रतूड़ी ने राज्य सचिवालय में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार द्वारा की जा रही तैयारियों को लेकर हुई वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान भारत सरकार के संयुक्त सचिव को यह जानकारी दी।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, आधार अधिनियम के लिए विधेयक गैरसैंण विधान सभा सत्र के दौरान पेश हो सकता है। प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रदेश ने डीबीटी को लेकर उत्तराखंड का पोर्टल तैयार कर लिया है। उत्तराखंड में 13 विभागों की करीब क्रियान्वित 52 योजनाओं का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।
ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, आईसीडीएस, जनजातीय कल्याण, शहरी विकास और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की योजनाओं का डाटा डिजिटलाइज्ड है। सभी विभागों को योजनाओं का डाटा द्योत, एनआईसी के निदेशक तकनीकी एनएस नेगी व विभागों के वित्त नियंत्रक भी उपस्थित थे।
हिमाचल और तमिलनाडु से आगे उत्तराखंड
trivendra singh rawat
डीबीटी के प्रभावी क्रियान्वयन के मामले में उत्तराखंड की प्रगति हिमाचल और तमिलनाडु प्रदेशों से बेहतर है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान हिमाचल, तमिलनाडु, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड ने डीबीटी की प्रगति का ब्यौरा जानने के बाद संयुक्त सचिव ने उत्तराखंड की पीठ थपथपाई और अन्य प्रदेशों को सीख लेने की सलाह दी।
इसलिए जरूरी है आधार एक्ट
राज्य सरकार भी अपने स्तर पर सब्सिडी या लाभ देने वाली योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं पर केंद्रीय अधिनियम लागू नहीं होगा। राज्य को अपना अधिनियम बनाना होगा। अधिनियम बन जाने के बाद विभागों पर डीबीटी योजनाओं की आधार सिडिंग का दबाव बढ़ेगा। साथ ही उनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
इससे योजनाओं में आधार की अनिवार्यता तो सुनिश्चित होगी, लेकिन कोई पात्र व्यक्ति योजना से इसलिए वंचित नहीं किया जाएगा कि उसका आधार नहीं है। आधार के स्थान पर वह दूसरे दस्तावेजों के जरिए योजना का लाभ ले सकेगा।
गैरसैंण सत्र की तैयारी को लेकर बैठक आज
prem chandra agarwal
- फोटो : file photo
विधान सभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल मंगलवार को गैरसैंण विधान सभा सत्र की तैयारियों को लेकर बैठक करेंगे। मंगलवार को अपराह्न चार बजे विधान सभा परिसर में बैठक रखी गई है। बैठक में दौरान सुरक्षा एवं अन्य अहम व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा होगी।
इसमें स्पीकर अधिकारियों को तैयारियों के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करेंगे। बैठक में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव लोनिवि, प्रमुख सचिव राज्य संपत्ति समेत विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, आयुक्त गढ़वाल, पुलिस महानिदेशक, चमोली डीएम व एसएसपी, स्वास्थ्य महानिदेशक व एनबीसीसी के महाप्रबंधक मौजूद रहेंगे।