यमुनोत्री, गंगोत्री हाईवे के अलावा जिले में धरासू-जोगत, जसपुर, भुक्की कुज्जन और सरनौल मोटर मार्ग भी जगह-जगह भूस्खलन से बंद हो गए, जिसके चलते ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
संबंधित विभाग इन स्थानों पर मलबा हटाकर यातायात बहाली के प्रयास में जुटे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने के प्रयास चल रहे हैं। जल्द ही सभी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सुचारु कर ली जाएगी।
बांसवाड़ा में दिनभर पहाड़ी से भूस्खलन के कारण रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग शाम पांच बजे तक बंद रहा। एनएच व कार्यदायी संस्था द्वारा कई बार मशीनों से मलबा सफाई का प्रयास किया गया, लेकिन पहाड़ी से मलबा गिरता रहा। इस दौरान यातायात को बांसबाड़ा-बसुकेदार-गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर डायवर्ट किया गया, जिससे लोगों को 22 किमी अतिरिक्त दूरी नापनी पड़ी।
शुक्रवार को तड़के हुई भारी बारिश के चलते गौरीकुंड हाईवे बांसवाड़ा में भारी भूस्खलन के कारण बंद हो गया। एनएच व कार्यदायी संस्था द्वारा मशीनों से मलबा सफाई का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन थोड़े समय बाद ही पुन: पहाड़ी से भूस्खलन होता रहा। दोपहर बाद साढ़े बारह बजे कुछ देर के लिए हाईवे खुला, लेकिन फिर से पहाड़ी से मलबा आने से बंद हो गया।
इस दौरान यातायात को बांसवाड़ा-बसुकेदार-गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर डायवर्ट किया गया, जिस कारण लोगों को 22 किमी अतिरिक्त दूरी नापनी पड़ी। शाम चार बजे पहाड़ी से भूस्खलन थमने के बाद शाम को पांच बजे यातायात बहाल हो पाया। सामाजिक कार्यकर्ता राजेश नेगी, गोविंद बिष्ट, सुभाष बिष्ट, सतेंद्र राणा का कहना है कि ऑल वेदर रोड परियोजना में हाईवे का कार्य चलने के बाद भी एनएच द्वारा बांसबाड़ा भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट नहीं किया गया है। इधर, एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि चौड़ीकरण कार्य के बाद भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट वैज्ञानिक तकनीक से किया जाएगा, जिसके लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है।