रुद्रप्रयाग जिले में लगातार दूसरे दिन भी दिनभर रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। इस दौरान केदारनाथ समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है, जिससे निचले इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बीते शुक्रवार दोपहर से शुरू हुई बारिश शनिवार को भी दिनभर रुक-रुककर होती रही। वहीं, केदारनाथ धाम में अभी तक लगभग तीन फीट नई बर्फ गिर चुकी है।
जबकि पहले से वहां नौ फीट से अधिक बर्फ जमा है। इसके अलावा द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ, चंद्रशिला, चोपता, कालशिला में भी जमकर बर्फबारी हुई है। वहीं, त्रियुगीनारायण, चिलौंड, चौमासी, तोषी समेत अन्य ऊंचाई वाले गांवों में भी बर्फबारी से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। साथ ही लोगों का जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। खराब मौसम के कारण गांवों में खेतीबाड़ी पर भी व्यापक असर पड़ रहा है।
टिहरी जिले में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी रहा। जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्र धनोल्टी, काणाताल, सेम-मुखेम और गंगी क्षेत्र में हल्की बर्फबारी हुई। इस सीजन की यह रिकॉर्ड 16वीं बर्फबारी है। मसूरी-धनोल्टी टिहरी बाईपास रोड पर शनिवार सुबह लगातार बारिश से मलबा आ गया। इससे मार्ग बंद हो गया। कई यात्री वाहन फंस गए। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद रास्ता खुल सका।
बारिश बर्फबारी ने एक बार फिर ऊंचाई वाली सड़कों पर वाहनों के पहिए थामने शुरू कर दिए हैं। बीते दो दिनों से जारी बारिश बर्फबारी से जिले में यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत आधा दर्जन सड़कों पर यातायात अवरुद्ध हो गया। जिस कारण क्षेत्र के लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संबंधित विभाग यातायात बहाली के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने से इसमें दिक्कतें आ रही हैं।
उत्तरकाशी जिला मुख्यालय समेत निचली घाटियों में रिमझिम बारिश जारी है। जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत जिले के समुद्र सतह से दो हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हो रही है।जिसके चलते धामों के साथ ही हर्षिल, मुखबा, झाला, सुक्की, चौरंगीखाल, रॉडी टॉप, खरसाली, जानकीचट्टी, सांकरी आदि ऊंचाई वाले इलाके एक बार फिर बर्फ से पट गए हैं। शनिवार को जिला मुख्यालय पर अधिकतम तापमान 10 डिग्री और न्यूनतम 4 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया। जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत बर्फबारी वाले इलाकों में अधिकतम तापमान 2 डिग्री और न्यूनतम माईनस 7 डिग्री सैल्सियस रहा।
भारी बर्फबारी के कारण शुक्रवार देर रात को गंगोत्री हाईवे पर सुक्की टॉप से आगे यातायात अवरुद्ध हो गया। जबकि हनुमानचट्टी से आगे सड़क पर जमा बर्फ के कारण यमुनोत्री हाईवे पर भी वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। इसके अतिरिक्त कुंवा-कफनौल, मुखबा व खरसाली मोटर मार्ग भी बर्फ से अवरुद्ध हो गए हैं। जबकि राड़ी टॉप एवं चौरंगीखाल में बर्फबारी के कारण यातायात जोखिम भरा बना हुआ है।
उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग भूस्खलन से अवरुद्ध हुआ, जिसे शनिवार दोपहर को खोल दिया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि अवरुद्ध सड़कों पर यातायात बहाली के प्रयास चल रहे हैं। मौसम के मिजाज को देखते हुए बीआरओ, एनएच, लोनिवि, पीएमजीएसवाई आदि विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। टिहरी जिले में घनसाली टैक्सी पार्किंग के पास सुबह पहाड़ी से पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। कोई जन हानि नहीं हुई है। बदरीनाथ हाईवे देवप्रयाग के पास शिवमूर्ति में बंद हो गया था। जिसे बाद में खोल दिया गया।
हरिद्वार, रुद्रपुर, चंपावत, रामनगर, भीमताल, काशीपुर, नैनीताल, पहाड़पानी, पंतनगर, रानीखेत, डीडीहाट, जसपुर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में सुबह से रुक-रुक कर बारिश जारी है। बागेश्वर में बादल छाए हुए हैं।
शनिवार को चकराता में भी दिन भर क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी का दौर जारी रहा। चकराता बाजार समेत आसपास की ऊंची चोटियां पूरी तरह बर्फ से लकदक हो गई। पूरा क्षेत्र कड़ाके की ठंड की चपेट में है।
चकराता बाजार क्षेत्र में करीब आधा इंच हिमपात हुआ। जबकि, आसपास की ऊंची चोटियों में डेढ़ फीट तक बर्फबारी हुई। भारी बर्फबारी के चलते त्योहारी सीजन में भी बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। बहुत कम लोग खरीदारी के लिए बाजार में पहुंचे। शनिवार को चकराता का अधिकतम तापमान 7 डिग्री और न्यूनतम 01 डिग्री रहा। विकासनगर का अधिकतम तापमान 17 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री रहा।
बर्फबारी के चलते लोखंडी, देववन, खंडबा, व्यास शिखर, मुंडाली, मोयला टाऊॅप, अस्माड़ समेत आसपास की ऊंची चोटियां पूरी तरह से बर्फ से लकदक हो गई है। विकासनगर क्षेत्र में भी सुबह से लेकर शाम तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा।
जौनसार बावर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर तंदावा के पास शुक्रवार देर रात भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे सड़क पर 10 घंटे तक यातायात बाधित रहा। लोगों को वाहनों में ही रात काटने को मजबूर होना पड़ा। सुबह सात बजे सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। इस दौरान सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
बृहस्पतिवार देर रात हुई बारिश के कारण देहात के कई क्षेत्रों में गेहूं, सरसों और अन्य दलहनी फसलें बेकार हो गई। आंधी और बारिश से फसल गिरने से किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। किसानों ने फसलों की क्षति का आकलन कर मुआवजे की मांग की है। बारिश के कारण कई क्षेत्रों में गन्ने की कटाई और छिलाई का काम बंद हो गया है तो कई इलाकों में गन्ने की बुुआई प्रभावित हुई है।
बारिश के कारण लक्सर के डुंगरपुर, अकोढा खुर्द, दरगाहपुर, करणपुर, दाबकी, हस्तमौली, न्यायमतपुर आदि गांवों में गेहूं, सरसों और अन्य तिलहनी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। इकबालपुर, झबरेड़ा क्षेत्र में बेमौसम बारिश के चलते गेहूं की फसल को भारी क्षति पहुंची है।
उधर, भगवानपुर में भी बारिश और हवा से खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और तोड़िया की फसल बर्बाद हो गई। ज्यादा नुकसान सिसौना, सिंकदरपुर, खुब्बनपुर, चौली, मानक मजरा, रुहालकी दयालपुर, पुुहाना, नन्हेड़ा, जहाजगढ़, अकबरपुर कॉलसो, सिकरोढ़ा और डाडा जलालपुर में हुआ है। किसान रामपाल, सतीश कुमार, गुल बहार, राजेश, प्रीतम आदि प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।