फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: बुधवार रात से हो रही बारिश से चारधाम यात्रा मार्ग कई जगह बंद, छह लोग बहे, एक का शव मिला

Sat, 28 Jul 2018 02:53 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
बीआरओ मलबा हटाने में जुटा है - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

बुधवार की रात से गढ़वाल मंडल के लगभग सभी जिलों में बारिश का दौर जारी है। इससे चारधाम यात्रा मार्ग कई जगह बाधित हो गया है।

विज्ञापन


चमोली जिले के जोशीमठ में हेलग उर्गम रोड पर पावर हाउस के पास यूटीलिटी कल्प गंगा में समा गई है। वाहन में सवार तीन लोग नदी में बह गए और छह लोग घायल हो गए। एसडीअारएफ उनकी खोज में लग गई है। वहीं लोहाघाट विकासखंड के कायल गांव में लोहावती नदी पार करते तीन ग्रामीण बह गए हैं। जिनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है। पुलिस खोजबीन में जुटी है।

 

रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड एनएच 107 मुनकटिया में मलबा आने और पेड़ गिरने से बंद हो गया था, जिसे यातायात के लिए खोल दिया गया है। बदरीनाथ हाईवे बुधवार की रात से लामबगड़ में अवरुद्ध है। इससे बदरीनाथ धाम यात्रा रुकी है। यात्री हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं। रातभर रुक-रुक कर हो रही बारिश से यमुनोत्री हाईवे भी जगह-जगह बंद पड़ा हुआ है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड  एनएच 107 में डोलिया देवी फाटा और चांडिकाधार में अवरुद्ध हो गया है। 

Trending Videos
विज्ञापन

हिरण्याबाहु नदी ने लिया विकराल रूप

मंदिर परिसर में यमुना के उफान से भयभीत ग्रामीण - फोटो : amar ujala
टिहरी के नैनबाग में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बुधवार की रात पटवारी चौकी का पुस्ता ढह गया। जिससे नीचे बना पैदल रास्ता भी बंद हो गया है। पुस्ता ढहने से पटवारी चौकी के भवन पर भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं दूसरी ओर बारिश के कारण नैनबाग, मसूरी हाईवे पर जगह-जगह मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। यहां मसूरी बैंड के समीप सड़क पर भारी मलबा आने से सड़क के दोनों और वाहनों की लंबी कतार लग गई। मार्ग बंद होने से स्कूली बच्चे फंस गए।

मार्ग बंद होने से नैनबाग व अगलाड़ घाटी से मसूरी, देहरादून जाने वाले दूध और सब्जी के वाहन फंसे रहे। वहीं विभाग के लिए सिर दर्द बने कांडीखाल में भी पहाड़ी दरकने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। लेकिन जेसीबी ने समय रहते मार्ग खोल दिया। अगलाड़ थत्यूड़ मार्ग पर सडब खाले में मलबा आने से वहां भी मार्ग बंद हो गया। जाम में फसे लोगों ने सड़क से मलबा हटाकर छोटे वाहनों के लिए मार्ग खोला जिससे आवाजाही शुरू हो सकी। कैम्पटी बाईपास पर भी सड़क का पुस्ता ढहने से एक भवन पर खतरा बढ़ गया है।

वहीं बुधवार को देर रात यमुना के मायके खरसाली गांव के पास से बहने वाली हिरण्याबाहु नदी के विकराल रूप ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी। ग्रामीण अपने घर छोड़कर सोमेश्वर देवता मंदिर परिसर में एकत्रित हो गए। हुआ यूं कि यमुनोत्री क्षेत्र बुधवार दोपहर से हो रही भारी बारिश हुई। रात साढे़ नौ बजे नदी की तेज आवाज से ग्रामीण भयभीत होकर घरों से बाहर निकल पड़े और मंदिर में शरण ली।

यमुनोत्री हाईवे डबरकोट मे खुलने का नाम नहीं ले रहा। ओजरी-कुनसाला पैदल रास्ता कुनसाला के पीछे उफान भरे खड्ड ने यहां दस मीटर रास्ते को बहा दिया है। जिससे यात्री और ग्रामीणों को जंगली रास्ते से जान खतरे में डालकर जाना पड़ रहा है। केदारनाथ धाम में भी बुधवार रात से बारिश जारी है। चमोली जिले में देर रात से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार सुबह तक जारी है। जिले के पोखरी ब्लाक के थाला गांव के शीर्ष भाग में नव निर्मित सड़क से भूस्खलन हो रहा है। जिससे गांव में दहशत का माहौल है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें