रुद्रप्रयाग में मौसम का मिजाज दूसरे दिन भी बिगड़ा रहा। क्षेत्र सहित केदारनाथ में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। केदारनाथ में चारों तरफ घना कोहरा छाया रहा, जिस कारण गुप्तकाशी और अन्य स्थानों से धाम के लिए हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके। बारिश के कारण शनिवार को भी धाम में हेलीकॉप्टर सेवा बाधित रही थी। रविवार तड़के से सुबह आठ बजे तक जनपद के सभी क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई।
इसके बाद मौसम में कुछ सुधार हुआ। लेकिन अपराह्न 11 बजे से दोबारा बारिश शुरू हो गई, जो रुक-रुककर दिनभर होती रही। धाम में मौजूद वुड स्टोन के देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि केदारनाथ में बीते दो दिन से ठंड का प्रकोप बना हुआ है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी हरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि केदारनाथ यात्रा सुचारु है। मौसम को देखते हुए पैदल मार्ग और पड़ावों पर तैनात सुरक्षा जवानों को तत्पर रहने को कहा गया है।
बाबा केदार के दर्शन के लिए परिवार के साथ कर्नाटक से आई एक महिला की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार केदारनाथ यात्रा के लिए सुवर्णा राजेश्वर (80) निवासी देवंगई कर्नाटक अपने परिवार के साथ बीते शनिवार को रुद्रप्रयाग पहुंची थीं।
उन्हें रविवार को धाम के लिए रवाना होना था। रात्रि प्रवास के लिए वे गढ़वाल मंडल विकास निगम के विश्राम गृह में रुके हुए थे, जहां रात को उनकी तबियत खराब हो गई। स्थानीय कर्मचारियों की मदद से परिजनों ने उन्हें जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर रविवार दोपहर स्वांला के पास चट्टान खिसक गई। इसके चलते करीब तीन घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही ठप रही। जाम के चलते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिसमें सैकड़ों मुसाफिर फंसे रहे।
टनकपुर-पिथौरागढ़ पर ही शनिवार रात घाट में लीसा डिपो के पास मलबा आने से शव लेकर जा रही एंबुलेंस रात भर फंसी रही। एंबुलेंस बरेली से गंगोलीहाट जा रही थी। दिल्ली से पिथौरागढ़ जा रही 34 यात्रियों से भरी पिथौरागढ़ डिपो की बस भी रात भर फंसी रही। बस में बच्चे और महिलाएं भी थीं। सभी यात्रियों को रात भर भूखे रहना पड़ा।