फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: देवदूत बनकर आए सेना के जवान, लुम्ती में फंसे बच्चों-महिलाओं को ड्रम में बैठाकर सुरक्षित निकाला

Thu, 30 Jul 2020 11:56 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़/बागेश्वर

सार

  • आफत की बारिश : पिथौरागढ़ में 40, बागेश्वर में 17 और चंपावत में सात सड़कें बंद
  • नदियां उफान पर, तटीय क्षेत्रों में दहशत में लोग, मार्ग बंद होने से आवागमन ठप
विज्ञापन
महिला की मदद करते सेना के जवान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पिथौरागढ़ में बंगापानी तहसील के लुम्ती गांव में फंसे बच्चों और महिलाओं को बृहस्पतिवार को देवदूत बनकर आए सेना के जवानों ने उफनाती नदी के आरपार तार बांधकर प्लास्टिक के ड्रमों के भीतर बिठाकर सुरक्षित निकाल लिया है।

विज्ञापन


कुमाऊं के सीमांत पर्वतीय जिले पिथौरागढ़ और बागेश्वर में बारिश ने पिछले करीब एक सप्ताह से लोगों की नींद उड़ाई हुई है। पिथौरागढ़ जिले में 40, बागेश्वर में 17 और चंपावत में सात सड़कें बंद होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 


यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: आपदा पीड़ितों से मिलकर लौट रहे विधायक धामी मलबे के तेज सैलाब में बहे, कई जगह लगी चोटें
विज्ञापन


भारी बारिश के कारण पिथौरागढ़ जिले में नदियां उफान पर हैं। इनके तटीय इलाकों में रह रहे लोग सहमे हुए हैं। आपदा के कारण बंगापानी तहसील के लुम्ती गांव में बच्चे और महिलाएं फंसी हुई थीं।

विज्ञापन

उफान पर नदियां

उफनती नदी के पार फंसे इन लोगों को सुरक्षित निकालने का और कोई उपाय न होने पर सेना के जवान उतारे गए। जिलाधिकारी के दिशा निर्देशन में जवानों ने नदी के आरपार तार बांधकर प्लास्टिक के ड्रमों के जरिये महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया। 

बागेश्वर की 17 सड़कों पर मलबा और बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप है। उधर चंपावत में टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बृहस्पतिवार शाम धौन-स्वांला के बीच आए मलबे से करीब डेढ़ घंटे तक बंद रहा। मार्ग बंद होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। जिले में सात ग्रामीण मार्ग बंद हैं। नैनीताल में बुधवार देर रात एरीज और मनोरा को जोड़ने वाले मार्ग पर भूस्खलन से यातायात ठप हो गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें