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उत्तराखंड: अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ा गांव और पुल डूबा, लगातार बारिश से उफान पर नदी-नाले

Thu, 30 Aug 2018 04:46 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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dehradun rain
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उत्तराखंड में बुधवार को कहर बरपाने के बाद गुरुवार की सुबह से ही राजधानी देहरादून में बारिश का दौर जारी रहा। कल दोपहर से रुक-रुक कर हो रही बारिश से यहां रिस्पना और बिंदाल नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। मौसम का मिजाज देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर है।

 

रुद्रप्रयाग के मल्यासु में अलकनंदा नदी में बना डूब गया है। यहां मल्यासु गांव भी नदी की चपेट में आ गया है। पहाड़ों पर हो रही बारिश से अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से पहुंच गया है। अपर जिलाधिकारी पौड़ी रामजी शरण शर्मा ने उपजिलाधिकरी श्रीनगर को आआरएस को सक्रियता एवं आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। खतरा होने की दशा में तटीय क्षेत्र को खाली कराने निर्देश दिए गए हैं।

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मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश में एक और दो सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार 31 अगस्त की रात से प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में तेज बारिश शुरू हो सकती है। भारी बारिश का यह क्रम तीन सितंबर तक जारी रहेगा। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार 31 अगस्त की रात से मौसम में बदलाव होने लगेगा। ज्यादातर क्षेत्रों में तेज बारिश शुरू होने का अनुमान है। एक और दो सितंबर को कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तीन सितंबर को भी लगभग सभी क्षेत्रों में बारिश होगी।

चार दुकानें क्षतिग्रस्त और आधा दर्जन दुकानों में दरार

dehradun rain
भारी बारिश से बुधवार को बिंदाल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। जिससे पुश्ता ढहने से चार दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं और आधा दर्जन दुकानों में दरार आ गई। आसपास के कई घरों में भी पानी भर गया। वहीं पानी बढ़ने से नदी में एक विद्युत पोल गिर गया, जिसकी वजह से करीब आधा घंटे तक पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति नहीं हो पाई।बाद में वैकल्पिक व्यवस्था की गई।

दोपहर में हुई तेज बारिश के बाद गोविंदगढ़ क्षेत्र में पुश्ता ढह गया। पुश्ता ढहने से दस दुकानों को नुकसान पहुंचा। हालांकि समय रहते लोगों के निकल जाने से जनहानि नहीं हुई। वहीं नदी किनारे के कई इलाकों में पानी भर गया। मलिन बस्तियों में कई घर जलमग्न हो गए।

बारिश के कारण हरिद्वार हाईवे पर कारगी चौक के पास पुल का पुश्ता ढहने से करीब तीन घंटे यातायात बाधित रहा। इसके अलावा रेंजर्स कॉलेज परिसर के एक पेड़ के गिरने से बाइकसवार युवक घायल हो गया। वहीं बिंदाल और रिस्पना नदियां के उफान पर होने कारण किनारे बसे मकानों और दुकानदारों को खासा नुकसान पहुंचा है।

तेज बारिश के दौरान आईटी पार्क के पास बने रपटे में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया। इसी दौरान सहस्रधारा की तरफ से आ रही एक कार फंस गई। कार में सवार दंपति ने पुलिस को फोन किया गया तो कुछ देर बाद वहां आईटी पार्क चौकी से पुलिसकर्मी पहुंच गए। उन्होंने दंपति को कार से सकुशल बाहर निकाला और दूसरे वाहन से घर पहुंचवाया। इसके बाद मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने कार पानी के बहाव से बाहर निकाली।

घनसाली में पूरा परिवार मलबे में दबा,

cloud burst
वहीं टिहरी में हुए भूस्खलन में जिंदा दफन हुए सात लोगों के बाद चमोली में भी बुधवार देर रात को दो सगे भाई मलबे में दब गए। अचानक हुए भूस्खलन से पूरे क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई।

हादसा, चमोली के घाट विकास खंड के फरखेत गांव के बुरालिधार तोक में हुआ। देर रात तकरीबन 11 बजे भारी बारिश के दौरान भूस्खलन से अपने घर में सो रहे गब्बर लाल और शब्बर लाल घर के अंदर ही मलबे में दब गए। उनके घर में समीपवर्ती मोख गांव से आए हुए एक मेहमान ने भागकर जान बचाई। इस दौरान वह भी गम्भीर रूप से घायल हो गया है। 

भूस्खलन की चपेट में आने से उमा सिंह के परिवार के सात लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए, जबकि उनकी 11 वर्षीय पोती बबली को ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से बाहर निकाला। मृतकों में मोर सिंह (32) पुत्र उमा सिंह,  हंसदेई (28) पत्नी मोर सिंह, आशीष (10) पुत्र मोर सिंह,  संजू देवी (24) पत्नी हुकम सिंह,  अतुल (8) पुत्र हुकम सिंह, लक्ष्मी देवी (24) पत्नी राकेश सिंह, स्वाति (3) पुत्री राकेश सिंह शामिल हैं।

घाट ब्लाक में मलबे में दबने से दो लोगों की मौत
चमोली जिले में घाट ब्लाक के फरखेत गांव के बुरालीधार तोक में बुधवार देर रात एक मकान के भूस्खलन की चपेट में आने से एक ही परिवार के दो लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम परमानंद राम और तहसीलदार सोहन सिंह राणा मौके पर पहुंच गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार देर रात करीब 11 बजे भारी बारिश के दौरान बुरालीधार तोक में भूस्खलन होने से एक मकान इसकी चपेट में आ गया। इस दौरान मकान में सो रहे गब्बर लाल (51 वर्ष) और सब्बर लाल (52 वर्ष) मलबे में जिंदा दफन हो गए। दोनों ग्रामीणों के शव मलबे से निकाल लिए गए हैं। बताया गया है कि निकटवर्ती मोख गांव से एक मेहमान भी उनके घर आया हुआ था, जो गंभीर रूप से घायल हो गया। ब्यूरो   
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बारिश से सिलकुरा मनेरी में दो मकान ध्वस्त

rain effect
मंगलवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद बुधवार तड़के गदेरे में उफान आने से उत्तरकाशी के सिलकुरा मनेरी में दो मकान ध्वस्त हो गए। लोगों ने भागकर जान बचाई। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को मनेरी डैम कालोनी में शिफ्ट किया है।

मंगलवार देर रात हुई भारी बारिश से मनेरी के सिलकुरा क्षेत्र स्थित गदेरे में उफान आ गया, जिससे गंगोत्री हाईवे के नीचे स्थित पहाड़ी में कटाव होने से दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए। लोगों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। सूचना मिलते ही मनेरी की प्रधान संजीता रावत, पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

थानाध्यक्ष डीएस कपर्वाण के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने खतरे की जद में आए घरों में रह रहे लोगों का सामान बाहर निकलवाया। तहसीलदार विरेंद्र रावत ने बताया कि दो मकान क्षतिग्रस्त होने से सुमित्रा देवी, प्रतिमा देवी, राजपाल बिष्ट, जबर सिंह बिष्ट, त्रेपन सिंह, सोहन, कौर सिंह के परिवार बेघर हो गए हैं। फिलहाल इन परिवारों को मनेरी डैम कालोनी में शिफ्ट किया गया है। पीड़ित परिवारों को मानकों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
 
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