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उत्तराखंड: रात से बारिश जारी, नदियां उफान पर, लोग घर छोड़कर भागे, हरिद्वार में इमारत गिरी

Sat, 25 Aug 2018 04:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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उत्तरांखड में शुक्रवार रात से जारी बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। राजधानी देहरादून और नैनीताल में रात से शनिवार सुबह तक बारिश जारी रही। हालांकि देहरादून में सुबह बारिश रुक गई। लेकिन घने बादल छाए रहे। वहीं रात से हो रही बारिश से कनखल पहाड़ी बाजार में पुरानी इमारत गिर गई। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। 

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चमोली जिले में देर रात से लगातार बारिश हो रही है। बदरीनाथ हाईवे जोशीमठ से आगे पिनोला और लामबगड़ में अवरुद्ध है। जोशीमठ और पांडुकेश्वर में करीब 1300 यात्री राके गए हैं। कोटद्वार में रात से हो रही बारिश से पनियाली गदेरे (बरसाती नाले) ने विकराल रूप धारण कर लिया है। गदेरे में एक महिला की बहने की सूचना है। नदियों के उफान पर आने से खौफजदा लोगों ने अपने घर छोड़ दिए हैं। रात से लगातार बारिश होने से कोटद्वार में नदियां उफान पर हैं। जिससे कई खेत बह गए हैं। पनियाली गदेरे में जल स्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। यहां आसपास के लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।

वहीं रुद्रप्रयाग गौरीकुंड नेशनल हाईवे फाटा के पास डोलिया देवी में बंद पड़ा हुआ है। रुद्रप्रयाग जिले में भी रात से बारिश जारी है। श्रीनगर में मूसलाधार बारिश से हाईवे तालाब बन गया है। गैरेसैंण और थराली में लगातार बारिश हो रही है। जिससे थराली में पानी, बिजली की सप्लाई बंद हो गई है। थराली-देवाल-कर्णप्रयाग-ग्वालदम सहित सभी सड़क बंद पड़ी हैं। पिंडर नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। भारी बारिश से बैनोली गांव में लगातार भूस्खलन हो रहा है। देवाल में भी शुक्रवार रात से बारिश जारी है। देवाल-थराली मार्ग नंदकेशरी पूर्णा के बीच में बंद पड़ा है। देवाल पैदल मार्ग भी बंद पड़ा है, यहां लगातार पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं।
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वहीं मंदाकिनी, पिंडर, अलकनंदा, गोरी, काली, शारदा और सरयू नदी का जलस्तर बढ़ गया है। हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा चेतावनी रेखा को छूने लगी है। ऋषिकेश में में प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट के मुख्य प्लेटफार्म तक गंगा का पानी पहुंच गया है। वहीं भारी बारिश से नैनीताल में झील का स्तर तीन इंच बढ़ गया है। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में दीवार गिरने की खबर है। पिथौरागढ़ जिले के जौलजीबी में पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट में आईं वनराजि महिलाएं घायल हो गईं। जिसमें से एक घायल महिला को धारचूला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई।  मलबा आने से टनकपुर-चम्पावत राजमार्ग भी शनिवार सुबह से बंद पड़ा है। कई वाहन व यात्री फंस गए हैं। पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागड़ में मलबा आने से यह मार्ग भी बंद है। रुद्रपुर में देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया है। काशीपुर में ढेला नदी के तेज उफान से नदी में बना पुराना पुल टूट गया। नए पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है।
 

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उत्तराखंड पर भारी पड़ सकते हैं 24 घंटे

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प्रदेश में अगले 24 घंटे के दौरान बहुत भारी होने की आशंका है। विशेषकर सात जिलों में ज्यादा बारिश होगी। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। साथ ही कुमाऊं के निचले मैदानी क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।

मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश के लगभग सभी क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश हो सकती है। विशेषकर राजधानी देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर और चंपावत में बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करने के साथ ही कुमाऊं के निचले मैदानी क्षेत्रों के लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है।

उधर, अलर्ट जारी होने के बाद शासन ने भी सभी जिलाधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। आपदा परिचालन केंद्र ने राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही रोकने, रात आठ बजे से सुबह पांच बजे के दौरान आपातकालीन वाहनों को छोड़कर अन्य का संचालन बंद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, बंद सड़कों को खोलने के लिए लोनिवि, सीपीडब्ल्यूडी, बीआरओ और पीएमजीएसवाई समेत अन्य एजेंसियों को भी तैयार रहने को कहा गया है।
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